वाराणसी। बीएचयू के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में भर्ती ब्लैक फंगस के लक्षण वाले एक मरीज की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। कोरोना संक्रमण के साथ ही पिछले दिनों ब्लैक फंगस के लक्षण दिखने पर उसकी जांच कराई गई थी, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। फिलहाल ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज के रूप में उसका इलाज किया जा रहा था। बीएचयू समेत निजी अस्पतालों को मिलाकर अब तक ब्लैक फंगस के 33 मामले सामने आ चुके हैं।
बीएचयू में संपर्क करने वाले 30 में से 10 मरीज आंशिक लक्षण होने की वजह से परामर्श लेकर ही चले गए जबकि पिछले यहां 4 मरीजों का ऑपरेशन हो चुका है। एक महिला की पिछले सप्ताह मौत भी हो चुकी है। बाकी तीन का इलाज चल रहा है। इधर, सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में कोरोना संक्रमित 19 मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण मिलने पर उन्हें संदिग्ध मानकर इलाज किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को बीएचयू में ब्लैक फंगस से ग्रसित एक महिला की मौत की चर्चाएं तेज रहीं। बाद में पता चला कि 74 वर्ष के एक पुरुष की मौत सुबह 8.30 बजे हुई जो ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीज के रूप में कोविड वार्ड में भर्ती था। बीएचयू अस्पताल के डिप्टी एमएस प्रोफेसर सौरभ सिंह ने बताया कि 19 मई को 74 वर्षीय मरीज को रात में 11 बजे भर्ती कराया गया था। उसका कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस के लक्षण का भी इलाज किया जा रहा था। मरीज की ब्लैक फंगस की रिपोर्ट भी अभी नहीं आई है।
ईएनटी डिपार्टमेंट में पहुंचे दो और मरीज, रिपोर्ट का इंतजार
बीएचयू के ईएनटी डिपार्टमेंट में ब्लैक फंगस के लक्षण वाले दो और मरीज बृहस्पतिवार को पहुंचे। डॉ. एसके अग्रवाल ने कोरोना जांच कराने की सलाद दी। उन्होंने बताया कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मरीजों के ब्लैक फंगस के लक्षणों की पुष्टि के लिए जरूरी जांच कराई जाएगी। उसके बाद ऑपरेशन का फैसला लिया जाएगा। बताया कि पहले से भर्ती तीन और मरीजों का जल्द ऑपरेशन किया जाएगा। संभावना है कि शुक्रवार को ऑपरेशन किए जाए।