जिलाधिकारी के अनुसार, इस प्रकरण में सात जुलाई को न्यायालय ने ऊंटों को राजस्थान शिफ्ट करने के आदेश किया था। एआरटीओ को वाहन, पशु चिकित्साधिकारी को रास्ते का चारा, संस्था को वाहन किराया व्यवस्था करने के आदेश दिए गए थे।
गौ फाउंडेशन संस्था ने आज तक इसका कोई जवाब नहीं दिया और फिर कोर्ट में प्रस्तुत हो गई। फाउंडेशन द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं करने के कारण जिला प्रशासन कोर्ट के आदेश का रीविजन वरिष्ठ न्यायालय में दायर कर रखा है, जिस पर सुनवाई होनी है।
बरामद ऊंट कुर्बानी के लिए बागपत से पश्चिम बंगाल ले जाए जा रहे थे। तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। तब से ऊंटों को रामनगर भीटी स्थित एक अहाते में रखा गया है। ऊंटों के चारा पानी का इंतजाम रामनगर थाना की ओर से किया जा रहा है।