पुलिस के अनुसार 11 मई को प्रदीप की मां कलावती ने राहुल के खिलाफ भेलूपुर थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस राहुल के संपर्क में रहने वाले कई लोगों को उठाकर पूछताछ कर रही थी।
भेलूपुर इंस्पेक्टर अमित मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की निशानेदही पर विश्वसुंदरी पुल से लेकर नगवां चौकी तक जाल बिछाया और सुबह साढ़े छह बजे मलहिया के चौरा माता मंदिर परिसर के पास गंगा से शव बरामद किया गया।
वहीं कमच्छा इलाके से राहुल पटेल निवासी कश्मीरीगंज और उत्कर्ष पात्रा निवासी सरायनंदन को स्कूटी के साथ गिरफ्तार किया गया। राहुल के कब्जे से प्रदीप का पर्स और आधार कार्ड बरामद हुआ। अस्सी चौकी प्रभारी दीपक कुमार, एसएसआई सुधीर त्रिपाठी आदि ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को दबोचा।
शादी विवाह में सजावट का काम करके घर परिवार चलाने वाले प्रदीप की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पिता सुरेंद्र के तीन बेटों में सबसे बड़े प्रदीप का शव घर पहुंचते ही मां कलावती बेसुध हो गई। पत्न्नी सौम्या को संभालना परिजनों के लिए कठिन रहा।
वह बार-बार बेहोश हो रही थी। प्रदीप की एक साल की मासूम बेटी को भी कुछ आभास ही नहीं था कि यह क्या हो गया, चाचा की गोद में बेटी कभी पिता के शव को निहारती तो कभी मां और दादी को बिलखते हुए देखती। मौजूद हर किसी की आंखें डबडबा गईं।