पार्थिव शरीर पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। पत्नी मंजू देवी के साथ ही परिवार के अन्य लोग शव से लिपटकर बिलखने लगे। अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को अहाते में रखा गया। बारी-बारी से सभी लोगों ने सैनिक को श्रद्धांजलि दी। तत्पश्चात पार्थिव शरीर के साथ आए सैन्य कर्मियों ने सेना की तरफ से विशेष पुष्प चक्र अर्पित कर जवान को अंतिम विदाई दी।
सैनिक का अंतिम संस्कार मेदनीपुर श्मशान घाट पर किया गया। मुखाग्नि पुत्र मनोज सिंह ने दिया। इस अवसर पर प्रधान संघ के ब्लाक अध्यक्ष एवं मेदनीपुर ग्राम प्रधान दीपक सिंह, कमलेश सिंह टुन्ना, धर्मेन्द्र सिंह, जयप्रकाश सिंह, योगेश सिंह, भुवर पांडेय, सतेंद्र सिंह, बब्बन सिंह, कमल सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
पार्थिव शरीर के साथ आए दिलीप कुमार गरुण, सुनील कुमार पीपी ने बताया कि विश्वामित्र सिंह 1984 में सेना भर्ती हुए थे, जो काफी मिलनसार थे। गोवा में तैनात थे। प्रतिदिन की भांति 11 सितंबर को अपनी स्कूटी से देर शाम ड्यूटी के लिए निकले थे। कुछ दूर जाने के बाद अचानक वह असंतुलित होकर गिर पड़े, जिससे सिर में गंभीर चोट आई थी।