दूसरी घटना मगहां (पल्थी) गांव की है, जहां हरिश्चंद्र (55) ने बृहस्पतिवार को करीब साढ़े 12 बजे फंदा लगाकर जान दे दी। वह पेशे से लोहा वेल्डिंग का काम करते थे। परिवार में उनकी पत्नी जायत्री, दो बेटे और एक बेटी हैं। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस तरह के कदम की कोई आशंका नहीं थी।
दोनों घटनाओं की जानकारी मिलते ही दीदारगंज थाने के उप निरीक्षक रमेश चंद्र यादव और सुरेंद्र यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
दीदारगंज के थानाध्यक्ष जयप्रकाश ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी हाउस भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया दोनों मामलों में आत्महत्या की बात सामने आई है, हालांकि घटनाओं के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।