ग्रामीण एक बात तो जरूर कह रहे हैं कि इनकी ससुराल इसी गांव में है। अमोई गांव निवासी राज नारायण सिंह को अपना भाई बताने वाले भोला सिंह उर्फ श्याम नारायण का प्रकरण एक मुकदमा के रूप में जिले में चल रहा है। जब से मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में लिया है तब से यह प्रकरण गांव के लोगों ने जाना है इसके पूर्व क्या विवाद था गांव के सारे लोगों को पता नहीं था। तहसीलदार सुनील कुमार ने कहा कि भोला के मुकदमे का निर्णय हो गया है। वरासत में उसका नाम खतौनी में दर्ज होगा। इस मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने एसडीएम लालगंज को जिम्मेदारी दी थी। वहां से जांच आख्या जिलाधिकारी को भेजी गई। उसके बाद शनिवार को यह निर्णय आया।
डीएनए जांच के लिए नहीं आया राजनारायण
मिर्जापुर। इस पेचीदे मामले की जांच के लिए डीएनए टेस्ट का सहारा लिया गया। भोला ने 23 जनवरी को डीएनए जांच के लिए अपना सैंपल दिया था। उसके बाद उसके भाई राजनारायण को भी जांच के लिए बुलाया गया लेकिन वह नहीं आया। उसकी अनुपस्थिति ने भी इस मामले में भोला सिंह का साथ दिया।