देवाधिदेव महादेव के त्रिशूल पर बसी अविनाशी काशी में बाबा भोलेनाथ के भूत, पिशाच, ताल, बैताल, सभी देवी-देवताओं संग निकलने वाली दुनिया की पहली विश्व प्रसिद्ध शिव-बारात महाशिवरात्रि के एक दिन बाद 27 फरवरी, गुरुवार को शाम 7 बजे निकाली जाएगी।
बारात महामृत्युंजय मंदिर, दारानगर से उठकर मैदागिन, बुलानाला, चौक, बाबा धाम गोदौलिया होते हुए चितरंजन पार्क तक जाएगी। वहां वधू-पक्ष भांग ठंडई, माला-फूल से बारातियों की अगवानी करेगा। नगर में निकलने वाली विश्व प्रसिद्ध शिव-बारात 43वें वर्ष में प्रवेश कर स्वर्ण जयंती की ओर अग्रसर है।
इस बारात की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता हैं कि अब काशी के आस-पास के इलाके से ही नहीं बल्कि भूटान, मॉरीशस में भी शिव-बारात निकलने लगी है। इस शिव-बारात में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से विदेशी भी बाराती बनने आते हैं।