बीएचयू के संबंद्ध कॉलेज डीएवी पीजी कॉलेज के रिसर्च आउटपुट के अनुसार राजस्थान के बालोतरा में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) परियोजना लगने जा रही है। डीएवी के अर्थशास्त्री प्रो. अनूप मिश्रा के नेतृत्व में बनी टीम ने यह पाया कि रिफाइनरी क्षेत्रीय विकास के हर पैमाने पर सफल है। अब राष्ट्र को समर्पित होने के लिए तैयार है। साल 2023 में एचपीसीएल ने इस परियोजना के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव के आकलन के लिए एक व्यापक सर्वेक्षण कराया था। इसकी मुख्य जिम्मेदारी प्रो. मिश्रा को दी गई थी।
डॉ. सिद्धार्थ सिंह और डॉ. उदयभान सिंह सहित 10 शोधकर्ताओं की टीम ने मई-जून 2023 में पचपदरा क्षेत्र का दौरा कर डेटा जुटाया। फरवरी 2026 में किए गए हालिया अवलोकन से यह सामने आया कि अध्ययन के दौरान दिए गए लगभग 90 प्रतिशत सुझावों को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को इस परियोजना का लोकार्पण करेंगे। अध्ययन के अनुसार, रिफाइनरी के निर्माण के दौरान 24,000 से ज्यादा लोगों को सीधा रोजगार मिला। भविष्य में संचालन चरण में लगभग 10,000 और अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके साथ ही 35,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, जिससे कुल मिलाकर 60,000 से 70,000 परिवारों की आजीविका इस परियोजना से जुड़ गई है। आर्थिक मोर्चे पर, स्थानीय निवासियों की औसत वार्षिक आय में भारी वृद्धि हुई है, जिससे बालोतरा का बाजार अब 250 से अधिक नई दुकानों और विकसित सेवा क्षेत्र के साथ एक बड़े व्यापारिक केंद्र के रूप में उभरा है।
प्रो. मिश्रा ने बताया कि परियोजना का प्रभाव केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक क्षेत्र में भी व्यापक बदलाव आया है। क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविरों के साथ-साथ 50 बिस्तरों वाले अस्पताल का प्रस्ताव भी प्रगति पर है। सड़क और आवास क्षेत्र में तीव्र विस्तार हुआ है। रिफाइनरी के कारण क्षेत्र में भूमि के मूल्यों में लगभग 250 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।