बड़े नोट बंद होने के बाद बैंकों के चक्कर काटने के बावजूद रुपये न मिल पाने से ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ गई है। किसी की बेटी की शादी है तो किसी के बेटे की लेकिन घर में कोई तैयारियां नहीं हो पाई हैं। इन लोगों को कोई कर्ज देने को भी तैयार नहीं है।
दानगंज क्षेत्र के काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक में मंगलवार को रुपये निकालने के लिए कतार में खड़े नियारडीह के प्रमोद मिश्रा ने बताया कि बुधवार को बेटी की शादी है। रिश्तेदार जुटेंगे और दरवाजे पर बारात आएगी लेकिन रुपयों के अभाव में अभी कोई तैयारी नहीं हो पाई है। नियार के ज्ञानचंद सोनकर की बेटी की शादी पांच दिन बाद होनी है।
वह कई रोज से बैंक के चक्कर काट रहे हैं। कह, गरीब हूं, इसलिए कोई साहूकार कर्ज भी देने को तैयार नहीं है। इसी तरह पिंडरा के एक बैंक में भीड़ से जूझ नेवारी गांव के मनोज मिश्र भी जूझ रहे थे। 21 नवंबर को उनके बेटी की शादी है। परेशान मनोज बोले- अब मर्यादा जाए चाहत बा...।
इसी तरह मिर्जामुराद स्थित भारतीय स्टेट बैंक पहुंचे लालपुर निवासी मुन्नी लाल सोनकर की बिटिया नंदिनी की शादी 22 नवंबर को है। कई दिनों से वह बैंक के चक्कर काट रहे हैं लेकिन रुपये नहीं निकल पाए। पूरे घर के लोग हताश है कि बेटी की शादी कैसे होगी। चिरईगांव क्षेत्र के बर्थराकला निवासी हरीनाथ के बेटे की शादी 18 नवंबर को है। उन्होंने डीजे, बैंड बाजा और रोड लाइट बुक कर दी थी लेकिन अब भुगतान के लिए रुपये नहीं हैं। हरीनाथ को समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें।