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News: वाराणसी में फूल, प्रसाद बेचने वालों का जुटाएंगे डेटा, मंदिरों के बाहर होंगे सर्वे; अब ऐसे होगी सुरक्षा

Wed, 21 May 2025 04:49 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
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सुरक्षा बैठक करते सीआरपीएफ महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह और अन्य। - फोटो : अमर उजाला
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सीआरपीएफ महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सबकुछ ठीक है, फिर भी सतर्क रहने की जरूरत है। मंदिर के बाहर एक बार फिर से सर्वे कराया जाए। इसमें यह देखा जाए कि मंदिर के आसपास की सभी गलियों में किसके मकान हैं। कौन कहां रहता है, क्या करता है। फूल, प्रसाद बेचने वालों का डेटा फिर नए सिरे से इकठ्ठा किया जाए और मंदिर के आसपास होने वाली गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जाए। 

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मंदिर के आसपास के घाट पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखें। मंदिर के अंदर, बाहर और उससे जुड़े चौराहों और गलियों में लगे कैमरों की जांच कराई जाए। देखा जाए कि कैमरे ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं। यदि किसी गली में या व्यापारी की दुकान के बाहर कैमरे नहीं लगें हैं तो उनसे अनुरोध किया जाए। पूरा कॉरिडोर हमेशा सीसीटीवी कैमरे से घिरा रहना चाहिए। मंदिर में आने वाले हर व्यक्ति, सामान की जांच बढ़ाई जाए। मंदिर में आने वाला सामान कहां से आ रहा है, वहां भी जांच की जाए। 

पुलिस महानिरीक्षक मध्य सेक्टर लखनऊ मनोज ध्यानी, पुलिस महानिरीक्षक झारखंड सेक्टर साकेत कुमार सिंह ने भी धाम की सुरक्षा व्यवस्था परखी है। अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था एवं मुखयालय)  डॉ एस चनप्पा ने सुरक्षा की जानकारी दी है।

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किस-किस से मिली ज्योति मल्होत्रा, पूछताछ शुरू
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा जब काशी आई थी, तो उसने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार सहित अलग-अलग स्थानों के 12 वीडियो अपलोड किए थे, जो अभी भी मौजूद हैं। इसके बाद अब सभी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आई हैं। जांचभीज्ञभ् तेज कर दी गई है। 

इस दौरान वह काशी में कहां ठहरी थी, किससे मिली थी। इन सूचनाओं को भी पुलिस जुटा रही है। संबंधित लोगों से बातचीत कर उनके बयान भी ले रही है। इसमें कुछ लस्सी भंडार, सस्ते होटल, नाविक, ई-रिक्शा और बनारसी साड़ी के व्यापारी और बुनकर शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस कुछ शोधार्थी और इन्फ्लूएंसर से भी पूछताछ कर सकती है।
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