वाराणसी। धर्मसंघ शिक्षा मंडल का प्रांगण रविवार को वैदिक ऋचाओं से गूंज उठा। धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के 112वें प्राकट्योत्सव का शुभारंभ प्रथमेश के किशमिश लक्षार्चन से हुआ। 125 दंपतियों ने सवा लाख किशमिश से लक्षार्चन किया। रविवार को विधि-विधान से भगवान गणेश का षोडशोपचार एवं राजसोपचार पूजन किया गया।
प्रथमेश के पूजन के उपरांत भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए वरुण कलश पूजन किया गया। अनादि गणेश का पंचामृत स्नान कराया गया। इसके उपरांत फलोदक स्नान, गर्भोदक स्नान, पुष्पोदक स्नान, गंधोदक स्नान तथा भिन्न-भिन्न द्रव्यों से स्नान कराया गया। धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकर देव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज के सानिध्य में हुए लक्षार्चन के लिए धर्मसंघ प्रांगण में पूजन मंडप बनाया गया। इसके उपरांत पीतांबर वेशधारी दंपतियों ने गणेश सहस्त्रावली में उल्लेखित 1008 नामों से प्रथमेश को द्रार्क्षाद्ध अर्पित किया।
मुख्य यजमान पं. जगजीतन पांडेय व रजनी पांडेय ने पूजन अर्चन कराया। पूजन में मुख्य रूप से डॉ. गोरखनाथ तिवारी, प्रो. चतुर्भुज नाथ तिवारी, पूर्व सांसद प्रदीप दुबे, राजमंगल पांडेय, यशोवर्धन त्रिपाठी, नवीन दुबे, संतोष ओझा आदि शामिल रहे। पूजन के उपरांत भंडारे का आयोजन हुआ। समस्त पूजन अनुष्ठान आचार्य टीवी राघव घनपाठी के आचार्यत्व में सम्पन्न हुआ। उनके साथ पं. शिवपूजन पांडेय, दयाशंकर, रामानंद पांडेय आदि आचार्यों ने पूजन कराया। धर्मसंघ शिक्षा मंडल के महामंत्री जगजीतन पांडेय ने बताया कि सोमवार को प्रात: 10 बजे से काशी के प्रकांड विद्वानों द्वारा शास्त्रार्थ किया जाएगा।