जौनपुर जिले के गांव में गुरुवार को दलित युवती प्रीति (20) ने घर के एक कमरे में अंदर से दरवाजा बंदकर शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। उस समय परिवार के सभी सदस्य बाहर थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मां हीरावती देवी ने बताया कि प्रीति की एक जून को शादी होनी थी। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संजय राय ने बताया कि घटना के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सका है। तहरीर मिलने पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
सलारपुर गांव निवासी बसंतलाल गौतम रोजी रोटी के सिलसिले में गुजरात के अहमदाबाद शहर में रहते हैं। घर पर उनकी पत्नी हीरावती, बेटा नयन कुमार और दो बेटियां रहती हैं। गुरुवार को दोपहर हीरावती अपने बेटे के साथ दवा लेने के लिए बाजार गई थी।
बेटी प्रीति (20) घर में थी जबकि उसकी आठ वर्ष की छोटी बहन घर के बाहर खेल रही थी। घर के अंदर से प्रीति के चीखने की आवाज सुनकर छोटी बहन पहुंची तो बंद कमरे से धुंआ निकलता देख शोर मचाने लगी।
आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर देखा तो प्रीति की मौत हो चुकी थी। सूचना पर मां और भाई भी घर आ गए। हीरावती देवी ने बताया कि प्रीति आठ बेटियों में सातवीं थी। उसकी शादी भदोही जिले के बगासपुर गांव में तय थी और एक जून को होनी थी। उसने ऐसा कदम क्यूं उठा लिया इस बात से वह खुद हैरान है।