घाटों, कुंडों पर वेदियों की पूजा के बाद दीपदान हुआ। सिंदूर के टीके लगाकर अखंड सुहाग की कामनाएं की गईं। वेदियों पर दीप जगमगाने लगे। घाटों-कुंडों को रंग-बिरंगी लतरों से सजा दिया गया। हर तरफ षष्ठी माता की आराधना का माहौल बन गया है। दिन भर व्रत रखकर शाम को खरना की रस्म निभाई गई। रविवार को निर्जला व्रत रखकर शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। काशी में इस बार गंगा-वरुणा के तटों पर लाखों का रेला उमड़ने का अनुमान है।
अस्सी घाट से लेकर नगवा, सामने घाट, विश्व सुंदरी पुल तक बनी वेदियों की पूजा के लिए व्रती महिलाएं शनिवार की शाम को समूहों में घरों से गीत गाते हुए निकलीं। इस दौरान सामनेघाट से लेकर विश्व सुंदरी पुल तक का नजारा देखते बन रहा था। सूर्य के ढलने से पहले ही गंगा घाटों के किनारे महिलाओं की जगह-जगह भीड़ लग गई। घाटों पर स्नान के बाद व्रती महिलाओं ने वेदी का पूजन कर षष्ठी माता के गीत गाए। आरती उतारी। वरुणा तट पर शास्त्री घाट के अलावा सूर्य सरोवर पर भी वेदियों की पूजा में व्रती महिलाएं ध्यानमग्न नजर आईं। डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने दशाश्वमेध घाट पर तैयारियों का जायजा लिया। भोजपुरी समाज एवं छठ पूजा समिति के लोगों के साथ शनिवार को अपर जिलाधिकारी ने सामने घाट से लेकर विश्व सुंदरी पुल तक निरीक्षण किया।
घाटों पर बने अस्थाई चेंजिंग रूम
भोजपुरी समाज एवं छठ पूजा समिति के सचिव अशोक पांडेय ने बताया की श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए जगह-जगह स्वागत द्वार बनवाए गए हैं। घाटों पर 30 अस्थाई चेंजिग रूम भी बनाए गए हैं। जगह-जगह कैंप लगवाए गए हैं जहां चाय-पानी के साथ ही दवा भी रहेगी। घाटों के किनारे लाइट की व्यवस्था की गई है।
छठ और देव दीपावली के मद्देनजर नौका संचालन और सुरक्षा से जुड़ी तैयारियां तेज हो गई हैं। सामनेघाट से राजघाट के बीच रेडियम पट्टी लगी सफेद टीशर्ट में 50 गोताखोरों की तैनाती का निर्णय लिया गया है। ये गोताखोर जल पुलिस और एनडीआरएफ के साथ निगरानी करेंगे। देव दीपावली पर गंगा में चलने वाली नावों पर प्रशासन का अनुमति पत्र चस्पा रहेगा। क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वाले नाविकों पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी कराई जाएगी।
छठ पूजा और देव दीपावली के मद्देनजर शनिवार को दशाश्वमेध घाट स्थित जल पुलिस चौकी पर नाविकों के साथ हुई बैठक में यह निर्देश एसपी सिटी राजेश यादव ने दिया। कहा कि 50 स्थानीय गोताखोरों का चयन किया गया है। इन सभी को सफेद रंग की टी-शर्ट दी जाएगी, जिस पर आगे-पीछे रेडियम पट्टी से गोताखोर लिखा रहेगा ताकि रात में भी वेे दूर से ही पहचान में आ सकें। एसपी सिटी ने नाविकों को सतर्क करते हुए कहा कि मोटर बोट बीच गंगा में चलेंगी और छोटी नावें तट से दस मीटर के निर्धारित फासले से गुजरेंगी। इस दौरान एडीएम सिटी जितेंद्र मोहन सिंह, सीओ दशाश्वमेध सत्येंद्र तिवारी, मां गंगा निषादराज सेवा समिति के अध्यक्ष विनोद निषाद सहित कई नाविक मौजूद रहे।
सूर्य सरोवर पर छाए सतरंगी नजारे
सूर्य सरोवर पर आस्था का सैलाब हिलोरें मारने लगा। डीरेका के सूर्य सरोवर पर अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य देने से पहले व्रतियों ने वेदियों पर ध्यान लगाए। मंगल कामना से पूजा की। सरोवर के चारों तरफ झालरों जगमग छटा हर किसी का ध्यान खींचने लगी है। सूर्य षष्ठी व्रत का संकल्प करने वाली व्रतियों की भीड़ शाम चार बजे से ही सरोवर पर लगने लगी। डीरेका छठ पूजा समिति के अध्यक्ष सोमश्वर राम ने बताया कि सूर्य षष्ठी व्रत को ध्यान में रखते हुए पूरे सरोवर को सजाया गया है। इस बार डीरेका प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर हर तरह की परिस्थितियों से निपटने की तैयारी की है। सरोवर के चारों तरफ बल्लियां लगाकर लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने का इंतजाम किया गया है। सूर्य सरोवर पर रविवार की दोपहर बाद भंडार नियंत्रक विजय प्रकाश पाठक सूर्य षष्ठी की पूजा कर सूर्योपासना के महोत्सव की शुरुआत करेंगे। रात आठ बजे से भजन संध्या होगी।
छह से अधिक स्थानों पर एनडीआरएफ
रविवार की शाम से सोमवार की सुबह तक राजेंद्र प्रसाद घाट, खिड़किया घाट, केदार घाट, अस्सी घाट, विश्वसुंदरी पुल, डीएलडब्ल्यू स्थित सूर्य सरोवर सहित छह से अधिक स्थानों पर एनडीआरएफ की टीम तैनात होगी। 13 नावों के साथ 150 जवान लगाए जाएंगे। वहीं, मदरवां से राजघाट तक निगरानी के लिए तीन ड्रोन कैमरों की भी मदद ली जाएगी। सादे कपड़ों में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। 11 एनडीआरएफ के कमांडेंट आलोक कुमार सिंह ने बताया कि एनडीआरएफ की मेडिकल टीम प्रमुख घाटोें पर चिकित्सा शिविर भी लगाएगी। उधर, एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि गंगा, वरुणा और डीएलडब्ल्यू स्थित सूर्य सरोवर में तीन एडिशनल एसपी, छह क्षेत्राधिकारियों और 20 थानेदारों के साथ ही पीएसी की चार कंपनी तैनात की गई है। उधर, डीएम और एसएसपी ने सिविल डिफेंस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। ये कार्यकर्ता घाटों पर प्रशासन की सहायता में मुस्तैद रहेंगे।
डाला छठ पर घाट और बाजार गुलजार
सूर्योपासना के महापर्व डाला छठ से ग्रामीण अंचल में श्रद्धा और उल्ला का माहौल है। बाजार से लेकर पोखरे, तालाबों और नदियों के घाट गुलजार हो गए हैं। शनिवार को भगवान भाष्कर की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर हर तरफ छठ के गीत गूंजते रहे। वहीं, दूकानों में फल-फूल, गन्ना, डलिया और पूजन सामग्री खरीदने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही।
चौबेपुर, क्षेत्र के चंद्रावती, कैथी, धौरहरा, राजवारी, भगतुआ, जाल्हूपुर, मुनारी, चौबेपुर, सोनबरसा और डुबकिया आदि कस्बों में शनिवार को खरीदारों की खूब भीड़ रही। धौरहरा में गोमती नदी, छित्तमपुर में मां नैपाली भगवती धाम के पोखरे पर और अजांव गांव के तालाबों के किनारे सूर्य देव की पूजा-अर्चना की गई। राजातालाब के जक्खिनी, सिहोरवा और नरोत्तमपुर में भी छठ पूजन के लिए भीड़ जुटी रही। इसी तरह दानगंज क्षेत्र में गोमती तट पर नियार, रजला, बाबतपुर, अजगरा और उधोरामपुर में घाटों की साफ-सफाई के साथ तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।