अधिकारियों के जाने के बाद भी धरने पर बैठी रहीं महिलाएं
कार्रवाई के विरोध में घर की महिलाएं आगे आईं और धरने पर बैठ गईं। मुस्लिम महिलाओं ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अत्याचार बताया। महिलाओं का कहना था कि प्रशासन बिना उचित मुआवजे के उनके घरों को गिराने की कोशिश कर रहा है।