मलबे की चपेट में आने से मदरसा जा रहे जीशान(16), यासिर(10) पुत्र जावेद अख्तर, दूध लेकर जा रहे शिवम(10) पुत्र रामदरस और ढाबे पर जा रहे इम्तियाज(22) की भी जान चली गई। शोर सुनकर मौके पर पहुंची सुभावती(58) पत्नी खेदू भी जान गंवा बैठीं।
उधर, जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी तथा पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि तीन स्तरीय जांच के लिए तीन टीम बनाई गई हैं। सुरक्षा के दृष्टि से घटनास्थल के आसपास के छह मकान खाली कराकर पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
एसपी ने बताया कि घटना के बाद वह और जिलाधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे। जिस घर में यह हादसा हुआ है, उसमें रहने वाली संजना पुत्री स्व छोटू विश्वकर्मा से घटना की जानकारी ली। एसपी ने बताया कि मलबे में एक बड़ा टुकड़ा 1982 लिखा हुआ मिला। इससे भवन के 1982 के आसपास बने होने की उम्मीद जताई जा रही है।
एसपी ने बताया कि तीन बिंदुओं पर जांच के लिए एएसपी शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में तीन टीम बनाई गई है। पहली टीम में सीएफओ सुभाष कुमार आग और विस्फोट के कारणों की जांच करेंगे। दूसरी टीम में मुहम्मदाबाद गोहना सीओ नंदलाल घटनास्थल के आस पास व्यक्तियों से घटना की जानकारी एकत्र करेंगे। तीसरी टीम में सीओ सिटी राजकुमार घटना के आपराधिक और फॉरेसिंक पहलुओं की जांच करेंगे।