दो दिन से बारिश की वजह से धान की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। जबकि सरसों, मटर की फसलों की बुआई पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। जिले में 51500 हेक्टेयर में लगे धान की फसलों की कहीं कटाई शुरू हो गई है तो कहीं खेतों में तैयार खड़ी है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि बारिश से धान की फसल को पांच से सात प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है।
तेज हवा चलने से धान के लेटने और कटाई के बाद भीगते हैं तो गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। उधर, उप निदेशक कृषि शोध के आरके सिंह ने बताया कि बारिश से ज्यादा तेज हवाओं ने खड़े धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। लेटने से फसल में सड़न होने से उत्पादन में कमी आएगी।