जिला प्रशासन की ओर से चक्रवाती तूफान से अलर्ट किया है। इसको लेकर नंबर भी जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि किसी भी तरह के नुकसान की सूचना 05422221937, 2221939, 2221941, 2221{{942, 2221944 और टोल फ्री नंबर 107 पर दी जा सकती है।
चक्रवाती तूफान यास का असर बृहस्पतिवार को देखने को मिला। भोर से रात तक नम हवा चलती रही। कभी झमाझम तो कभी रिमझिम रुक-रुककर हुई बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को 18.8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड किया है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, शुक्रवार को भी तेज हवा के साथ बारिश होने के आसार हैं।
बंगाल की खाड़ी से उठे तूफान यास की वजह से ही वाराणसी आसपास के जिलों में बुधवार आधी रात बाद से मौसम बदल गया है। बुधवार को बूंदाबांदी हुई लेकिन बृहस्पतिवार को भोर से बारिश शुरू हो गई और रात तक रुक-रुक कर होती रही।
शहरी और ग्रामीण इलाकों में कुछ जगहों पर तेज तो कहीं धीमी बारिश हुई। इसका असर यह रहा कि लोगों को उमस से राहत मिल गई, लेकिन जगह जगह जलभराव होने से समस्या बढ़ गई। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को 18.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड किया है।
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि चक्रवाती तूफान जितनी मजबूती से बंगाल की खाड़ी से उठा था, अब वह कमजोर होता जा रहा है। हालांकि शुक्रवार को भी वाराणसी समेत पूर्वांचल में उतरी पूर्वी नम हवाएं चलते रहने और बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम में अचानक आए बदलाव की वजह से ही तापमान में भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। इधर 24 घंटे में ही अधिकतम तापमान में आठ डिग्री सेल्सियस की कमी देखने को मिली है। बुधवार को अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस था, जबकि बृहस्पतिवार को 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।