उसको देखते हुए अब डीआरडीओ में भी भर्ती मरीजों के इलाज को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसके लिए डीआरडीओ के अधिकारियों ने बीएचयू अस्पताल के एमएस से बातचीत कर तैयारियां शुरू कर दी हैं जिससे कि जरूरत पड़ने पर मरीजों को शिफ्ट करने में और उनका इलाज करने में कोई परेशानी ना हो। 346 बेड वाले बीएचयू के सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक में अभी भी 200 से ज्यादा बेड खाली हैं।
बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि डीआरडीओ अस्पताल के ब्रिगेडियर एस बावेजा समेत अन्य अधिकारियों ने तूफान यास को देखते हुए जरूरत पड़ने पर डीआरडीओ से मरीजों को बीएचयू में शिफ्ट करने की बात की है। बातचीत के बाद बीएचयू सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में तैयारियां शुरू करा दी गई हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर कोई परेशानी न हो।