ताउते तूफान में जान गंवाने वाले आज़मगढ़ निवासी युवक अजय सिंह का शव शनिवार शाम बाबतपुर एयरपोर्ट पर पहुंचा। इस दौरान शव लेने पहुंची पत्नी रेनू और दो बच्चों के करुण क्रंदन से एयरपोर्ट परिसर गमगीन हो उठा। लाल बहादुर शास्त्री अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शाम के समय इंडिगो एयरलाइंस मुंबई के विमान संख्या 6ई 5378 से अजय का पार्थिव शरीर लाया गया।
एयरपोर्ट से सीधे परिजन आज़मगढ़ स्थित अजगरा गांव ले गए।आजमगढ़ के अजगरा निवासी शिवप्रसाद सिंह के बड़े पुत्र अजय सिंह 2009 से मैथ्यू एसोसिएट मुम्बई में पी 305 बाज जहाज पर टीगर स्कैप फोल्डिंग के पद पर कार्यरत थे। ताउते तूफान के दौरान अजय सिंह की पी305 बाज पर सवार थे।
इसी बीच तूफान में अजय की मौत हो गई। अजय ने अन्तिम बार 25 मई को फोन पर परिजनों से बात करते हुए घर आने की बात कहीं थी।उसके दूसरे दिन बाद ही ताउते तूफान के कारण पी 305 बाज में सवार कई लोगों के डूबने की सूचना आई जिसमे अजय भी शामिल थे। पत्नी रेनु , पुत्र स्वयम सिंह 15 वर्ष, व पुत्री रिया का रो-रो कर बुरा हाल था।
ताउते तूफान ने मऊ जिले के एक और युवक की जान ले ली। मृतक युवक संदीप महाराष्ट्र के मथेव कंपनी के पी 305 जहाज पर क्रेन ऑपरेटर के पद पर आसीन थे। तूफान के बाद से लापता संदीप की लाश मिलने पर उसके बहनोई ने इसकी जानकारी परिवार के सदस्यों को दी। इसके बाद संदीप के घर पर कोहराम मच गया।
मृत युवक संदीप 32 मधुबन थाना क्षेत्र के चचाईपार बदनपुर मखमेलपुर गांव निवासी रामप्रताप का पुत्र था। बताया जाता है संदीप कुमार यादव (32) महाराष्ट्र में मथेव कंपनी के पी-305 जहाज में क्रेन ऑपरेटर के पद पर तैनात थे। तूफान में यह जहाज डूब जाने के बाद लापता 40 से अधिक लोगो मे संदीप भी शामिल थे।
संदीप के जीजा गुल्लू यादव, उसी कंपनी के दूसरी जहाज पर मौजूद थे। पति के मौत की सूचना मिलते ही पत्नी रिंकू यादव, छोटे भाई प्रदीप, पंकज तथा बच्चे शोभा तथा सौम्य का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। संदीप ने रविवार को पत्नी को फोन करके 25 मई को घर आने को कहा था। उसे आठ वर्ष पूर्व नौकरी मिली थी। तीनो भाइयों में सबसे बड़ा होने के कारण पारिवारिक जिम्मेदारियां उसके कंधे पर थी। संदीप के चचेरे भाई अखिलेश यादव ने बताया कि 4 अक्टूबर 2020 को वह जहाज पर गए थे।