दिवि संस्थापक बीर भद्र सिंह व दिवि ह्यूमन रिसोर्स डायरेक्टर राहुल जी ने कहा कि किसी अपरिचित व्यक्ति की फोन कॉल आने पर अपने वित्तीय मामले की डिटेल कभी भी शेयर न करें। सोशल साइट के माध्यम से या ऑनलाइन मदद के नाम पर रुपये मांगने वालों को बिना पहचान किए कोई धनराशि न दें।
साइबर जागरूकता अभियान के तहत दिवि वेलफ़ेयर सोसाइटी ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मिलकर राजकीय महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज करौंधी वाराणसी में साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया गया। साइबर ठगी से बचने के लिए कई बिंदुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पुर्वांचल विश्वविद्यालय के साइबर हेड डॉक्टर दिग्विजय सिंह जी और चितईपुर थानाध्यक्ष भी ऑनलाइन रूप से जुड़े।
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दिवि संस्थापक बीर भद्र सिंह व दिवि ह्यूमन रिसोर्स डायरेक्टर राहुल जी ने कहा कि किसी अपरिचित व्यक्ति की फोन कॉल आने पर अपने वित्तीय मामले की डिटेल कभी भी शेयर न करें। सोशल साइट के माध्यम से या ऑनलाइन मदद के नाम पर रुपये मांगने वालों को बिना पहचान किए कोई धनराशि न दें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने अकाउंट का विवरण, एटीएम कार्ड नंबर, पिन नंबर, ओटीपी नंबर व एसएमएस को शेयर न करें।
एटीएम हमेशा अकेले प्रयोग करें। किसी अनजान व्यक्ति की मदद न लें। इस अपने एटीएम कार्ड की सुरक्षा विशेष तौर पर करें। इसका प्रयोग स्वयं अथवा अत्यंत विश्वसनीय व्यक्ति के द्वारा ही करवाएं। अपने खाते का पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें न ही उसे कंप्यूटर या मोबाइल पर सेव करें।
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अपना पासवर्ड नियमित रूप से बदलें। टीवी, अखबार, ऑनलाइन माध्यम के जरिये दिए जाने वाले लोक लुभावने ऑफरों के झांसे में न आएं। ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930, 55260 या 112 पर कॉल करें। तत्पश्चात थाना बैंक साइबर सेल को सूचना जरूर दें। एंटी वायरस, एंटी स्पाइवेयर और अन्य साइबर सुरक्षा वाले उपकरण सॉफ्टवेयर अपने कंप्यूटर, मोबाइल में इंस्टॉल करें। साइबर अपराध से बचने के लिए युवाओं को स्वयं जागरूक होकर दूसरों को भी जागरूक करना होगा। मौक़े पर कॉलेज के प्रिंसिपल समेत अन्य स्टाफ़ एवं दिवि आईटी हेड रुद्र एवं अन्य वालंटियर्स मौजूद रहे।