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Cyber Crime: पॉलिसी फंड दिलाने के बहाने साढ़े बारह लाख की ठगी, टीम कर रही है तफ्तीश

Sat, 24 Dec 2022 07:53 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

गाजीपुर सादियाबाद थाना क्षेत्र के हरौली निवासी कैलाश पांडेय की तहरीर पर दर्ज मुकदमे के मुताबिक, उनके बेटे अजय पांडेय ने निजी बैंक की दो पॉलिसी ले रखी है। इसकी तीन किस्त ही जमा कर सके हैं। इसी बीच 15 सितंबर को अजय के मोबाइल पर फोन आया और बताया गया कि बैंक के पॉलिसी सेक्शन से बात हो रही है। आपका पैसा शेयर मार्केट में लगने जा रहा है।
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cyber crime news - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साइबर अपराधियों ने पॉलिसी फंड दिलाने के बहाने गाजीपुर के युवक से 12.50 लाख रुपये की ठगी कर ली। यह पैसा युवक ने ब्याज पर बाजार से उठाया था, लेकिन साइबर अपराधियों की जाल में फंसकर गवां दिया। अब वाराणसी स्थित साइबर क्राइम थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसकी जांच चल रही है। 

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गाजीपुर सादियाबाद थाना क्षेत्र के हरौली निवासी कैलाश पांडेय की तहरीर पर दर्ज मुकदमे के मुताबिक, उनके बेटे अजय पांडेय ने निजी बैंक की दो पॉलिसी ले रखी है। इसकी तीन किस्त ही जमा कर सके हैं। इसी बीच 15 सितंबर को अजय के मोबाइल पर फोन आया और बताया गया कि बैंक के पॉलिसी सेक्शन से बात हो रही है। आपका पैसा शेयर मार्केट में लगने जा रहा है। बेटे ने फोन करने वाले नितिन ठाकुर से शेयर मार्केट में पैसा लगाने से मना कर दिया। साथ ही कहा कि मुझे पैसे निकालने हैं। इस पर नितिन ठाकुर ने कहा कि उच्चाधिकारियों से बात करनी पड़ेगी। उसने पॉलिसी सेक्शन के प्रेमचंद्र कोठारी और उनके पीए सोनम शर्मा का नंबर दिया। बेटे अजय की सोनम व प्रेमचंद्र कोठारी से फोन पर बात हुई। इसके बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र के नाम पर 13,130 रुपये कुंदन कुमार नाम व्यक्ति के खाते में जमा कराए गए। एक सप्ताह बाद अजय के पास दोबारा फोन आया और व्यक्ति ने अपना नाम अभिषेक बताया।  साथ ही कहा कि नई दिल्ली के नेहरू पैलेस स्थित बैंक के मुख्य कार्यालय से बात हो रही है। बैंक खाते का सत्यापन करवा दें। पॉलिसी का भुगतान करना है। बेटे ने सारी जानकारी दे दी, फिर भी पैसा बैंक खाते में नहीं आया। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दूसरे दिन भी अभिषेक का फोन आया और बैंक खाते में 40,054 रुपये जमा कराने को कहा गया। भरोसा दिलाया गया कि पैसा वापस हो जाएगा। इस पर बेटे ने धनराशि खाते में भेज दी। पैसा नहीं आने पर प्रेमचंद्र कोठारी से बेटे ने बात की। उसनेे कहा कि कुछ ऐसी भी पॉलिसी हैं, जिनका कोई लेनदार नहीं होता है। उस फाइल पर नाम चढ़ा दूंगा, लेकिन फंड का दस प्रतिशत कमीशन लगेगा। फाइल की कीमत डेढ़ करोड़ है। कमीशन 15 लाख लगेगा। लालच में आए बेटे ने ब्याज पर 13 लाख रुपये बाजार से उठाए और साढ़े बारह लाख रुपये कुंदन कुमार नाम व्यक्ति के बैंक खाते में भेज दिए। इसके बाद से संपर्क करने वाले सभी लोगों के मोबाइल फोन बंद हैं। साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय नारायण मिश्र ने कहा कि मुकदमा दर्ज किया गया है। मोबाइल नंबर को ट्रेस कराया जा रहा है। बैंक अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है।  साइबर अपराधियों को जल्द ही दबोचा जाएगा।
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