500-1000 के नोट बंद करने के फैसले से बैंकों में पैदा हुई कैश की किल्लत अब घरों तक पहुंच गई है। लोगों के पास जो पुराने नोट हैं, वे चल नहीं रहे और बैंकों, डाकघरों और एटीएम से जरूरत के मुताबिक नए नोट मिल नहीं रहे हैं। नतीजा, बाजार से लेकर कारोबार और घर-गृहस्थी तक इसकी चपेट में आ गई है।
बैंकों-डाकघरों में जहां दो हजार के पुराने नोट बदले जा रहे हैं वहीं खातों में भी 500-1000 के पुराने नोट जमा करने के लिए भीड़ उमड़ रही है। कैश की कमी की वजह से छोटे नोट बाजार में नहीं आ रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित है। एक वजह यह भी है कि हाल में बैंकों की ओर से जो धन निकाला गया है, उसमें कई नोट कटे-फटे और जले हुए हैं। कोई भी इन्हें ले नहीं रहा है। बैंक अधिकारियों के मुताबिक नई करेंसी आने में अभी 3-4 दिन का इंतजार करना पड़ सकता है।
जिले में बैंकों के 600 से अधिक एटीएम हैं लेकिन अब जबकि लोगों को रुपये की सख्त जरूरत है, एटीएम धोखा दे रहे हैं। गुरुवार को भी कचहरी स्थित पीएनबी, लहरतारा-भिखारीपुर, सुंदरपुर, लंका में एसबीआई, मंडुआडीह में बैंक आफ बड़ौदा, भिखारीपुर यूनियन बैंक, मलदहिया एसबीआई, रथयात्रा कोटेक महिंद्रा बैंक, पीएनबी पहड़िया स्थित एटीएम के शटर गिरे रहे। पीएम संसदीय कार्यालय के बगल में बैंक आफ बड़ौदा, भेलूपुर में एक्सिस बैंक का एटीएम भी खाली था।