‘हर-हर महादेव’ से राधे-राधे’ तक, संस्कृति से संवर रहा उत्तर प्रदेश
जयवीर सिंह ने कहा कि, काशी–अयोध्या के बाद अब मथुरा और वृंदावन भी विकास के उसी आध्यात्मिक त्रिकोण में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। चाहे काशी हो, अयोध्या हो, मथुरा-वृंदावन हो, नैमिषारण्य धाम हो या विंध्यवासिनी धाम, आज उत्तर प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा विधानसभा क्षेत्र हो, जहां पर्यटन और संस्कृति की किरणों से धार्मिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पहचान को सशक्त न किया गया हो।
मंत्री ने कहा कि, विधायक डॉ. अवधेश सिंह एवं आप सभी जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर पिंडरा क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य स्वीकृत हुए हैं, इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं। अंत में, पिंडरा महोत्सव की ऐतिहासिक सफलता के लिए आप सभी को ढेरों शुभकामनाएं देता हूं। इसके अलावा उन्होंने अन्य सभी कलाकारों के साथ सांसद मनोज तिवारी का अभिनंदन किया।
पिंडरा महोत्सव में कलाकारों का मेला
वाराणसी के पिंडरा क्षेत्र में पिंडरा महोत्सव शुरू हो गया है। 30 जनवरी से 1 फरवरी तक नेशनल इंटर कॉलेज मैदान में चलने वाला यह तीन दिवसीय महोत्सव कला, संस्कृति और विकास का संगम प्रस्तुत कर रहा है। भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं, जबकि स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिला है।
शाम के कार्यक्रमों में लोक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां हो रही हैं। महोत्सव की शुरुआत सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई, जिसमें विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। बच्चों के लिए खेलकूद और शैक्षिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों के स्टॉल्स से सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। महिलाओं और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम भी महोत्सव का हिस्सा हैं।