यह 12 से 15 किलोमीटर की रफ्तार से एक मीटर गहरे पानी में भी सुगमता से चल सकती है। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के लिए इसमें चार ऐसी लाइफ राफ्ट है, जो आपातकाल स्थिति में खुद ही नदी में जाकर खुल जाएंगे और एक फ्लोटिंग टेंट के आकार का बोट बन जायेगा। इसमें 20 यात्री के लिए लाइफ जैकेट और लाइफ बॉय ट्यूब का भी इंतजाम है।
चुनार की सैर के साथ गंगा में कराएगा आयोजन
200 पर्यटकों की क्षमता वाले रो-रो को दो अलग-अलग रूट पर चलाने की योजना है। इसमें एक रो रो खिड़किया घाट से रामनगर और दूसरा खिड़किया घाट से चुनार तक जाएगा। दोनों ही रो-रो में ट्रक, कार और बाइक तक लद सकते हैं और इसकी गति अप स्ट्रीम में छह से सात और डाउन स्ट्रीम में 12 से 13 किलोमीटर होगी। हालांकि इसके रूट पर मंथन किया जा रहा है और इसे प्रयागराज तक ले जाने की भी योजना बनाई जा रही है। इसके लिए जेटी निर्माण आदि की बाधा को दूर करने की योजना भी बनाई जा रही है।
एक नजर में
- दो मंजिला क्रूज में एक साथ बैठक सकेंगे 100 पर्यटक
- अस्सी से राजघाट के बीच चलेगी स्टोरी टेलिंग क्रूज
- घाटों के साथ शहर, विश्वनाथ मंदिर के काउंटर से भी मिलेगा टिकट
- 25.5 लाख रुपये सालाना का दिया गया है प्राइवेट एजेंसी को टेंडर
रो-रो की खासियत
- 200 पर्यटकों की क्षमता वाले रो-रो में बर्थडे, सेरेमनी के आयोजन भी हो सकते हैं
- सुबह से शाम तक का गंगा में टूर का बनाया जाएगा पैकेज
- काशी के साथ चुनार और रामनगर किले तक जाएंगे रो रो पर सवार सैलानी
- 35-35 लाख रुपये के सालाना राजस्व पर प्राइवेट कंपनी करेगी संचालित
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि क्रूज और दोनों रो-रो की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। एजेंसियों के चयन के बाद इन्हें हैंडओवर किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि 15 जुलाई से तीनों जलपोत का संचालन शुरू करा दिया जाए। किराया तय करने की प्रक्रिया भी जारी है।