आला अधिकारियों के पुष्प चक्र चढ़ाने और श्रद्धांजलि देने के बाद कासिमाबाद क्षेत्राधिकारी महमूद अली, एसडीएम सदर प्रभास कुमार अन्य अधिकारियों सहित गांववासियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद दिन में सेना के वाहन पर पार्थिव शरीर रखकर अंतिम यात्रा शुरू हुई। यात्रा में मौजूद हजारों लोग जब तक सूरज-चांद रहेगा, अश्वनी तेरा नाम रहे, तेरे बलिदान को नहीं भुलेगा देश, भारत माता जय आदि गगनभेदी नारा लगाते चल रहे थे।
करीब ढाई बजे शव यात्रा नगर के श्मशान घाट पर पहुंची। लोगों ने ताबूत से पार्थिव शरीर को निकालकर चिता पर लिटाया। इसके बाद सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। शहीद के छोटे भाई मुलायम यादव उर्फ अमन ने मुखाग्नि दी। इस दौरान मौजूद हजारों लोगों ने आंखों में फक्र के आंसू लिए देश के जांबाज लाल को अंतिम सलामी दी।
उधर जनप्रतिनिधियों में मुख्य रूप से जंगीपुर विधायक वीरेंद्र यादव, पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी, विजय कुमार, राजेंद्र यादव, राजेश कुशवाहा, रामधारी सिंह यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, पूर्व चेयरमैन विनोद अग्रवाल, कृष्ण बिहारी राय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील राम, नगर अध्यक्ष सुनील साहु, रविकांत राय आदि मौजूद रहे।
जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा के काजियाबाद इलाके में सोमवर को आतंकी हमले में गाजीपुर के सीआरपीएफ जवान अश्वनी कुमार यादव शहीद हो गए। वर्ष 2005 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए अश्विनी कुमार अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी उन पर ही थी। घर में अश्वनी की मां लालमुनी, पत्नी अंशु देवी, दो बच्चे दो बच्चे आयशा यादव(6) व आदित्य यादव(4) हैं। इसके अलावा दो छोटे भाई अंजनी यादव व मुलायम यादव हैं।