वाराणसी। वाराणसी, इलाहाबाद, लखनऊ सहित सभी भीड़-भाड़ वाले स्टेशनों पर लिफ्ट लगाई जाएगी। ये लिफ्ट्स फुटओवरब्रिज से जुड़ी होंगी जिससे अशक्त, वृद्ध और महिला यात्री विभिन्न प्लेटफार्मों पर बिना सीढ़ियां चढ़े पहुंच सकेंगे। ये जानकारी सोमवार को वाराणसी आए सदस्य रेलवे बोर्ड (विद्युत) नवीन टंडन ने पूर्वोत्तर रेलवे के लहरतारा स्थित डीआरएम कार्यालय पर दी।
नवीन टंडन ने बताया कि इलाहाबाद से वाराणसी होते हुए छपरा तक के रेलखंड का विद्युतिकरण होना है। इस कार्य की जिम्मेदारी रेल विकास निगम को दे दी गई है।
काम भी शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि रेलवे द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कुल इंजनों के 33 प्रतिशत डीजल से चलते हैं। सिर्फ इनके संचालन के लिए रेलवे को प्रतिवर्ष 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं। वहीं बाकी के 67 प्रतिशत इंजन जो बिजली से चलते हैं के संचालन में प्रतिवर्ष 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होते हैं।
इससे पहले नवीन टंडन ने पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुवाडीह, वाराणसी सिटी एवं उत्तर रेलवे के वाराणसी कैंट स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इन स्टेशन पर मास्टर प्लान के तहत होने वाले कार्यों की जानकारी ली।
उन्होंने वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रतीक्षालय, कं प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्र, बुकिंग ऑफि स, प्लेटफ ार्मों, एस्केलेटर व सर्कुलेटिंग एरिया का गहन निरीक्षण किया।
इस दौरान उनके साथ उत्तर रेलवे डीआरएम एके लाहोटी, पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम एसके कश्यप, मुख्य विद्युत इंजीनियर आरपी निबारीया, मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर एचके अग्रवाल, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर वीके गुप्ता, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर एमपी सिंह, वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर मानवेंद्र सिंह आदि अधिकारी उपस्थित रहे। इसके बाद सदस्य विद्युत रेलवे बोर्ड ने पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सभागार में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
चीफ ट्रैफिक मैनेजर रवि प्रकाश चतुर्वेदी ने कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रस्तावित विकास कार्यों से सदस्य विद्युत को अवगत कराया। उधर, क्लीन एवं ग्रीन बनारस की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए अमिता टंडन, नमिता कश्यप व सविता शुक्ला ने मंडल महिला कल्याण संगठन के संयोजन में वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में पौधारोपण किया।