फ्लैग- आईआईटी की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का मामला, एक नवंबर को एक साल होंगे पूरे
हेडिंग: पीड़िता से आरोपियों की ओर से जिरह जारी, चश्मदीद दोस्त का बयान होना बाकी
दो आरोपियों को जमानत मिली, एक आरोपी जेल में, मामले में छह नवंबर को होगी सुनवाई
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। आईआईटी बीएचयू की बीटेक छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को एक साल होने को आए। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है। फिलहाल, आरोपियों के अधिवक्ता पीड़िता से जिरह कर रहे हैं। इसके बाद पीड़िता के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे उसके दोस्त का बयान दर्ज किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई छह नवंबर को होनी है। इस बीच मामले के दो आरोपी कुणाल पांडेय और आनंद चौहान उर्फ अभिषेक इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत पाकर गत अगस्त माह से ही जेल से बाहर हैं। वहीं, तीसरा आरोपी सक्षम पटेल जेल में है।
आईआईटी-बीएचयू के न्यू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली बीटेक की छात्रा एक नवंबर 2023 की रात 1:30 बजे टहलने लगी थी। हॉस्टल से आगे बढ़ने पर गांधी स्मृति छात्रावास के समीप उसे उसका दोस्त मिला। दोनों टहलते हुए कर्मन वीर बाबा मंदिर की ओर बढ़े तो उन्हें मोटरसाइकिल सवार तीन युवक मिले। पीड़िता के अनुसार, तीनों युवकों ने उसका और उसके दोस्त का मुंह दबाया, फिर एक-दूसरे से विपरीत दिशा में कर दिया। इसके बाद तीनों ने छात्रा को निर्वस्त्र कर दुष्कर्म करते हुए उसका वीडियो बनाया। तीनों ने छात्रा को धमका कर उसका मोबाइल नंबर भी लिया। मुकदमा दर्ज होने के 60 दिन बाद 31 दिसंबर 2023 को लंका थाने की पुलिस ने बृज एंक्लेव कॉलोनी निवासी कुणाल पांडेय और जिवधीपुर, बजरडीहा के आनंद चौहान उर्फ अभिषेक, सक्षम पटेल को गिरफ्तार किया।
तीनों भाजपा महानगर की आईटी सेल के पदाधिकारी थे। तीनों को जेल भेजने के बाद उनके खिलाफ लंका थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया। सामूहिक दुष्कर्म और गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की चार्जशीट पुलिस ने अदालत में दाखिल की और फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ।
पीड़िता अपने बयान पर कायम है, दोस्त मौजूद रहता है
एडीजीसी (फौजदारी) मनोज गुप्ता ने बताया कि पीड़िता अदालत में अपने बयान पर कायम है। घटना के दौरान उसके साथ मौजूद रहा उसका दोस्त भी सुनवाई की तिथि पर अदालत आता है। बचाव पक्ष का प्रयास रहता है कि किसी न किसी तरह से मामले में देरी हो और सुनवाई की अगली तिथि नियत हो जाए। हालांकि पीड़िता का बयान और पुलिस की प्रभावी विवेचना आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पर्याप्त आधार साबित होगी। मगर, फैसला होने में कितना समय लगेगा, इसे लेकर अभी कुछ कह पाना संभव नहीं होगा।
जमानत पर छूटे आरोपियों से अपनों ने भी बनाई दूरी
जमानत पर जेल से छूटे कुणाल पांडेय और आनंद चौहान से अपनों ने भी दूरी बना ली है। भाजपा नेता या पार्टी से जुड़े लोग तो दोनों को अपने पास भी नहीं फटकने देते हैं। दोस्तों ने भी कन्नी काट ली है। आरोपियों के घर के आसपास रहने वाले भी कोई खास सरोकार नहीं रखते हैं। दोनों आरोपी ज्यादातर समय अपने घर में ही रहते हैं।