आईआईटी बीएचयू की लाइब्रेरी में शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से की बात
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छात्रों ने एनटीए एंट्रेंस और लेट सेशन का मुद्दा उठाया कुलपति से कहा- लाइब्रेरी की पांडुलिपियों को डिजिटलाइज कराएं, मांगी योजना
माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बीएचयू की सेंट्रल लाइब्रेरी का दौरा किया। 45 मिनट तक छात्र-छात्राओं से बातचीत की। उनकी समस्याओं और किताबों की उपलब्धता की जानकारी ली। विद्यार्थी सुविधाओं का जायजा लेते हुए आधुनिक पद्धतियों और तकनीक के बारे में जाना। छात्रों ने पेपर लीक और एनटीए एंट्रेंस की वजह से लेट सेशन का मुद्दा उठाया। शिक्षा मंत्री ने छात्रों को आश्वासन दिया कि पेपर लीक जैसी समस्याओं पर सरकार काम कर रही है। आगे से ऐसा न हो प्रयास किया जा रहा है। देरी से चल रहे सत्र को भी ठीक किया जाएगा। शिक्षामंत्री ने कहा कि बीएचयू की लाइब्रेरी काफी समृद्ध है। कई दुर्लभ पांडुलिपियों और किताबों में भारतीय ज्ञान परंपरा के भंडार हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्व के प्रख्यात और प्रतिष्ठित लाइब्रेरी में इस्तेमाल की जा रही तकनीक अपनाई जा सकती है। पांडुलिपियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रखा जा सकता है। पूरी योजना तैयार करने को कहा। लाइब्रेरी की किताबों को डिजिटल करने का सुझाव दिया, ताकि बाहर रह रहे छात्रों को फायदा मिल सके।
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लाइब्रेरी टाइम को बढ़ाया गया कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने कहा कि लाइब्रेरी को ज्यादा से ज्यादा समय तक खोला जा रहा है। स्टडी हॉल की क्षमता बढ़ाई जा रही है। ज्यादा से ज्यादा संसाधन दिए जा रहे हैं। लाइब्रेरियन प्राे. डीके सिंह ने कहा कि तीन साल में लाइब्रेरी के फंड में इजाफा किया गया।
नॉन नेट फेलोशिप वालों को सिर्फ 6 हजार लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्रों ने शिक्षा मंत्री से नॉन नेट फेलोशिप बढ़ाने की मांग की। शिक्षा मंत्री को एक ज्ञापन भी दिया। कहा कि जेआरएफ और नॉन नेट जेआरएफ पीएचडी की फेलोशिप में भेदभाव हो रहा है। छात्र अभिषेक सिंह और शुभम तिवारी ने कहा कि आम शोध छात्रों को 18 साल से सिर्फ 6 हजार रुपये ही मिल रहे हैं, जबकि जेआरएफ वालों को 40 हजार दिए जा रहे हैं।