यूपी के चंदौली में चन्द्रप्रभा नदी में पानी बढ़ने के बाद से एक बार फिर सिकंदरपुर गांव में मगरमच्छों की दहशत बन गई है। चन्द्रप्रभा नदी में हाथ धोने गए युवक को मगरमच्छ ने गहरे पानी में खींच लिया। सूचना मिलने के बाद लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। लोगों ने इसकी सूचना वनविभाग के अधिकारियों को देते हुए नदी के किनारे खोजबीन शुरू कर दी।
बुधवार की देर शाम कस्बा निवासी इंसाअली टेलर का पुत्र गोलू (18) शौच के लिए घर से निकला हुआ था। शौच के बाद वह चन्द्रप्रभा नदी में हाथ धोने गया। उसी दौरान घात लगाए मगरमच्छ ने उसे गहरे पानी में खींच लिया। सूचना मिलते ही सभी लोग चन्द्रप्रभा नदी किनारे पहुंच गए। मौके पर मौजूद परिजनों का रो-रो कर हाल बेहाल हो गया।
घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस और वन रेंजर के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंच गई। एसडीएम दीप्ति देव यादव के अनुसार डीएम को सूचना दे दी गई है। युवक का पता नहीं चला। उसकी तलाश की जा रही है।
बेसुध पड़ी है मां, एनडीआरएफ टीम की मशक्कत नाकाम
एनडीअारएफ
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एनडीआरफ की टीम मशक्कत के बावजूद चंद्रप्रभा नदी में गोलू को तलाश नहीं पाई। गोताखोर चंद्रप्रभा नदी की तलहटी तक गए लेकिन राहत नजर नहीं आया। उसे शौच के दौरान बुधवार को मगरमच्छ नदी में खींच ले गया था। गुरुवार को एनडीआरफ की टीम किशोर को ढूंढने में जुटी रही।
अनहोनी की आशंका को लेकर परेशान परिजनों की एनडीआरएफ टीम की नाकामी के बाद उम्मीदें टूटने लगीं हैं। उधर आपरेशन रेस्क्यू देखने हजारों की भीड़ लगी है। दरअसल सिकंदर निवासी टेलर इशान का इकलौता पुत्र गोलू (18) अपने तीन दोस्तों के साथ चंद्रप्रभा नदी के किनारे गया था।
वहा तीनों दोस्त नदी पर बने पुराने पुल की सीढ़ी के निकट खड़े थे कि मगरमच्छ ने हमला बोल दिया। इसमें राहत मगरमच्छ की चपेट में आ गया और वह उसे दबोचकर गहरे पानी में ले गया। घटना की जानकारी मिली तो राहत के परिजन नदी किनारे जा पहुंचे। इस दौरान लोगों ने हंगामा कर दिया।
नदी की गहराइयों तक जाकर मगरमच्छ के हमले के शिकार राहत का पता लगाने में जुटे तो दूसरे दिन दोपहर बाद तक सफलता नहीं मिल सकी। पीड़ित परिवार में चीख-पुकार थमने का नाम नहीं ले पा रहा है। गोलू परिवार में इकलौता पुत्रा था। उसकी तीन बहनें, मा, पिता का बुरा हाल हो गया है। मां तो बेसुध सी पड़ी है।