मोहनसराय तिराहे पर घेरेबंदी कर मंगलवार को एसटीएफ और रोहनिया पुलिस की संयुक्त टीम ने चंदौली की ओर से आ रहे एक डीसीएम से तीन कुंतल गांजा बरामद किया। डीसीएम जब्त कर फतेहपुर के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के केशवपुर मवई निवासी रामभवन मौर्या को गिरफ्तार किया गया है।
एसटीएफ के अनुसार बरामद गांजा की कीमत 45 लाख रुपये है। इस मामले में चालक पप्पू सहित तीन अन्य लोगों की तलाश जारी है।
एसटीएफ की वाराणसी इकाई को सर्विलांस और मुखबिरों से सूचना मिली थी कि ओडिशा से गांजा की खेप अंतरराज्यीय तस्कर एनएच-2 से मुगलसराय, इलाहाबाद होते हुए फतेहपुर ले जाएंगे।
इस सूचना पर एसटीएफ के डिप्टी एसपी विनोद कुमार सिंह के निर्देश पर इंस्पेक्टर पुनीत परिहार, एसआई अमित श्रीवास्तव व अंगद सिंह यादव और रोहनिया इंस्पेक्टर क्षितिज त्रिपाठी ने टीम के साथ मोहनसराय तिराहे पर घेरेबंदी की।
मुखबिर के बताए नंबर का डीसीएम जैसे ही दिखा, पुलिस ने रुकवा लिया। तलाशी ली गई तो डीसीएम के पिछले हिस्से की बॉडी में नीचे केबिन बनाकर 19 बोरियों में तीन कुंतल गांजा रखा गया था।
पूछताछ में डीसीएम में मौजूद रामभवन ने बताया कि वह ओडिशा से गांजा की खेप फतेहपुर ले जा रहा था। पुलिस टीम को देखकर बांदा के कोतवाली थाना क्षेत्र का चमरहा चौराहा निवासी डीसीएम चालक पप्पू सिंह भाग निकला है।
दो सफेदपोश कार से कर रहे थे स्कॉर्ट
पूछताछ में रामभवन ने बताया कि जिस डीसीएम में गांजा लदा था, उसके आगे एक स्विफ्ट डिजायर कार चल रही थी। कार में फतेहपुर निवासी सफेदपोश फतेहपुर के हुसैनगंज थाना के नरौली निवासी गंगाधर सिंह और रायबरेली के महाराजगंज निवासी धुन्नी सिंह उर्फ नेता मौजूद थे।
कार सवार दोनों लोग पुलिस चौकी और थाने पर सेटिंग करते हुए डीसीएम को ओडिशा से ले आ रहे थे। गांजा की इस खेप को फतेहपुर के अलावा रायबरेली, बांदा और कौशांबी में सप्लाई किया जाना था। रामभवन ने बताया कि ओडिशा से एक बार गांजा की खेप फतेहपुर तक पहुंचाने के लिए उसे 20 हजार रुपया मिलता था।