राशन कार्ड, मतदाता सूची और आधार कार्ड में पिता के कॉलम में चाचा का नाम दर्ज कराकर बलवा और मारपीट का आरोपी पुलिस को पांच साल तक छकाता रहा। आरोपी रौनाकला के संजय से पुलिस ने गुरुवार को जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सच्चाई कबूल की। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
वाराणसी जिले के रौनाकला गांव में वर्ष 2012 में बलवा और मारपीट सहित अन्य मामलों में चोलापुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। एक आरोपी संजय ने मुकदमा दर्ज होने के बाद राशन कार्ड, मतदाता सूची और आधार कार्ड में पिता शिवधनी की जगह चाचा रामसूरत का नाम दर्ज करा लिया।
इसके चलते संजय पुलिस कार्रवाई से बचता रहा। गुरुवार को गांव पहुंचे दरोगा गिरधारी यादव को एक बार फिर संजय ने पिता का नाम रामसूरत बताया और कहा कि वह शिवधनी का बेटा नहीं है।
हालांकि पुलिस ने पहले ही तस्दीक कर ली थी कि संजय शिवधनी का ही बेटा है। कड़ाई से पूछताछ में संजय ने सच्चाई स्वीकार कर ली।