नामांकन स्थल के बाहर सर्किट हाउस के समीप बुधवार को शहर उत्तरी से भाजपा प्रत्याशी एवं मौजूदा विधायक रवींद्र जायसवाल और भाजपा के ही बागी सुजीत सिंह टीका के समर्थक आमने-सामने आ गए।
उनके बीच मारपीट और पथराव से भगदड़ मच गई। उपद्रवियों ने इस दौरान तोड़फोड़ की। एनसीपी के प्रत्याशी मृत्युंजय कुमार के साथ आई कार पर सीमेंटेड बोल्डर पटक दिया। कई अन्य वाहनों पर भी पत्थर चलाए।
पुलिस फोर्स ने लाठी भांजकर उपद्रवियों को खदेड़ा, तब जाकर अफरातफरी थमी। घटना में कुछ लोगों को चोटें आई हैं लेकिन किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। विधायक रवींद्र और टीका ने घटना के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, सीओ कैंट का कहना है कि पत्थरबाजी करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है।
तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा विधायक रवींद्र जायसवाल बुधवार की दोपहर पर्चा दाखिल करने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर स्थित नामांकन स्थल पहुंचे थे। उनके नामांकन के दौरान समर्थक बाहर सर्किट हाउस के पास खड़े थे।
इस बीच, उत्तरी से ही निर्दल दावेदारी कर रहे भाजपा के बागी सुजीत सिंह टीका का नामांकन जुलूस भोजूबीर की तरफ से सर्किट हाउस पहुंचा। एक-दूसरे को देखते ही टीका और रवींद्र समर्थकों ने नारेबाजी तेज कर दी।
इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी से मामला बिगड़ा। हाथापाई और पथराव शुरू होते ही सर्किट हाउस से लगायत कलेक्ट्रेट गेट तक भगदड़ मच गई। सीओ कैंट राजकुमार यादव, सीओ यातायात संतोष कुमार मिश्रा और कैंट इंस्पेक्टर अबरार अहमद ने फोर्स के साथ पथराव करने वालों को खदेड़ा। अफरातफरी थमने के बाद सड़क पर बिखरे ईंट-पत्थर हटवाए गए।
समर्थकों में टकराव पर सुजीत सिंह टीका ने कहा कि उनकी लोकप्रियता को देखकर विधायक रवींद्र जायसवाल के लोगों ने जानबूझ कर उन पर हमला किया। इसका जवाब जनता देगी।
वहीं, विधायक रवींद्र का कहना था कि कुछ लोग खुद ही पत्थर फेंकते हैं और फिर खुद ही आरोप लगाते हैं। हमारे कार्यकर्ता ऐसी ओछी हरकत नहीं करते।