बाबतपुर एयरपोर्ट के कैंटीन कर्मी धीरज सिंह उर्फ कल्लू की हत्या की जानकारी पाकर 15 साल बाद उसकी मां विद्या देवी अपने मायके से ससुराल आई। तब तक कल्लू के शव के अंतिम संस्कार के लिए परिवारीजन घर से मणिकर्णिका घाट की ओर निकल चुके थे और विद्या अपने बड़े बेटे को आखिरी बार देख भी नहीं पाई।
खुद को कोसते हुए धाड़े मार कर रो रही विद्या को गांव की महिलाएं ढांढस बंधाती रही लेकिन वह चुप न हुई। थोड़ी ही देर बाद विद्या अपने छोटे बेटे आकाश के साथ चोलापुर के लश्करपुर स्थित अपने मायके वापस लौट गई।
उधर, वारदात के 24 घंटे बाद भी फूलपुर पुलिस हत्या की ठोस वजह और हत्यारे का सुराग नहीं लगा सकी। पुलिस आशनाई के विवाद को कारण मानकर कल्लू और उसकी पत्नी निक्की की कॉल डिटेल के सहारे तफ्तीश में जुटी हुई है।
फूलपुर थाना के मंगारी गांव के सीवान स्थित धीरज के घर समीप उसे गोली मार कर मंगलवार की रात हत्या कर दी गई थी। देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। हाथों में मेंहदी लगाए धीरज की पत्नी निक्की रोते-रोते बेहोश जा रही थी।