चीखपुकार सुनकर आस-पास के लोगों की मदद से घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने शीला देवी को मृत घोषित कर दिया जबकि दो अन्य महिलाओं की हालात में सुधार न देख अन्यत्र रेफर किया। मृतका के परिजनों का कहना है कि शीला देवी पुत्री मनोरमा की आंख दिखाने गोपीगंज आ रही थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दूसरी घटना जंगीगंज-बड़ागांव तिराहे पर शनिवार की देर रात हुई। जहां सरायजगदीश निवासी अशफाक(62) किसी कार्यवश राजमार्ग पार कर रहा था,उसी समय तेज गति से आ रहा बाइक सवार ने टक्कर मार दी। गंभीर रुप से घायल वृद्घ को लोगों ने उपचार के लिए सीएचसी गोपीगंज में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने वृद्ध के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस की मिलीभगत से दौड़ रहे ओवरलोड आटो
गिराई के पास रविवार को जेसीबी मशीन और ओवरलोड आटोरिक्शा की हुई जोरदार टक्कर में महिला की मौत के बाद भी पुलिस प्रशासन की आंखें नहीं खुल पा रही हैं। राजमार्ग के पूर्वी छोर औराई चौराहे से पश्चिमी छोर ऊंज, बरौत और हंडिया तक बेखौफ हो चुके चालक आटो में मानक से कहीं अधिक सवारियों को भरकर फेरा लगा रहे हैं। घटनाएं कारित होने के बाद सारा दारोमदार आगे वाले पर मढ़ दिया जाता है और न तो चालक अपनी कमी भांप पाते हैं न पुलिस।
एनएचएआई भी कम नहीं है जिम्मेदार
राजातालाब-हंडिया खंड के 60 किमी के दायरे में निर्माणाधीन सिक्सलेन कार्य हादसों को बढ़ाने में कम जिम्मेदार नहीं है। निर्माण कार्य में लगी कार्यदाई संस्था की निगरानी में लगे एनएचएआई की लापरवाही कहा जाय या फिर मनमानी। आए दिन बिना किसी सुरक्षात्मक संकेतक के ही मशीनों से काम कराया जाना भी हादसों का बड़ा कारण माना जा रहा है। यह आरोप रहा कि प्राधिकरण इन दिनों अंडरपास ब्रिजों पर ही सारा ध्यान केंद्रित कर दिया है। खुले नालों और जर्जर होकर दम तोड़ रहीं सर्विस लेनों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।