नवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें खजुरी पार्षद प्रतिनिधि मयंक चौबे ने बताया कि उनके यहां फ्रजी तरीके से आयुष्मान कार्ड बनाने के बारे में पता चला है। वह 2000 रुपये में इन्हें बना रहे हैं। इसके बाद उन्हें वहां जाकर रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बताया कि वह सीएससी जनसेवा केंद्र के लिए काम करते हैं। तो वहां के मैनजर प्रेम कुमार से बात की तो सब गलत निकला।