शनिवार की दोपहर राजघाट पुल पर हुई भगदड़ में 25 लोगों की मौत और सौ से अधिक लोगों के घायल होने के बाद रविवार को कटेसर स्थित सत्संग स्थल पर अनुयायी मर्माहत थे और माहौल शांत। हालांकि पहले पंकज बाबा की शोकसभा होनी थी लेकिन फिर सत्संग शुरू हो गया। इस दौरान हादसे से सबक लेते हुए पुलिस-प्रशासन बेहद चौकन्ना था।
कटेसर-पड़ाव-राजघाट मार्ग पर सिर्फ पैदल और दो पहिया वाहनों के आवागमन की अनुमति थी। भीड़ और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए चौकाघाट लकड़ी मंडी, कज्जाकपुरा, भदऊं चुंगी, राजघाट पुल के दोनों ओर, पड़ाव और कटेसर में पुलिस बैरियर बनाए गए थे। जगह-जगह पुलिस कर्मियों की तैनाती थी तो वहीं हर गतिविधि की मॉनीटरिंग खुद उच्चाधिकारी कर रहे थे। जबकि, शनिवार को शहर से लेकर पड़ाव और आयोजन स्थल तक दूर-दूर तक न तो कहीं पुलिस कर्मी नजर आ रहे थे न कहीं कोई बैरियर बनाया गया था। पड़ाव से शहर आ रहे सतीश शर्मा, शकीला बीबी, हसीना और अमीना का कहना था कि यही सतर्कता शनिवार को प्रशासन ने दिखाई होती तो हादसे की नौबत नहीं आती।