दोनों सिपाहियों ने बताया कि उनका सरगना वाराणसी पुलिस लाइन में तैनात सिपाही अजीत यादव है। इसके बाद वाराणसी के एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने उसे मुगलसराय पुलिस को सौंप दिया।
हरियाणा निवासी दोनों युवकों के मोबाइल की कॉल डिटेल और व्हाट्सएप खंगाला गया तो सामने आया कि रामनगर थाने की पुलिस, तस्करी में बरामद शराब से एक तिहाई की बरामदगी दिखाती थी और शेष वापस तस्करों को बेच देती थी। तीनों सिपाहियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा संचालित शराब तस्करी का खेल जिला, रेंज और जोन स्तर के अधिकारियों के संज्ञान में भी आया। इसे लेकर माना जा रहा है कि संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई हो सकती है।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि पुलिस की शह पर शराब तस्करी से संबंधित हर बिंदु की गहराई से जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और विधिक दोनों तरह की कार्रवाई की जाएगी।
हाईवे किनारे के चार थानों के छह सिपाही लाइन हाजिर :
नेशनल हाईवे- दो के किनारे के मिर्जामुराद, रोहनिया, लंका और रामनगर थाने के छह सिपाहियों को शनिवार को एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी ने बताया कि सभी छह सिपाहियों को शिकायतों के आधार पर पुलिस लाइन भेजा गया है। वहां इन सिपाहियों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग होगी। सात अन्य सिपाहियों की गतिविधियों की जांच जारी है। रिपोर्ट मिलते ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।