11-11 हजार अर्थदंड, न देने पर तीन-तीन माह अतिरिक्त सजा
सोनभद्र जिले में दूसरी शादी कर पहली पत्नी को जिंदा जलाकर मारने के जुर्म में फास्टट्रैक कोर्ट ने पति सहित तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
दो अन्य लोगों में पति का चाचा और दूसरी पत्नी है।
अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संतराम की अदालत ने मंगलवार को साढ़े चार साल पूर्व हुए विदवंती हत्याकांड के मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास और 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
दोषियों को अर्थदंड न देने पर तीन-तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
घटना पांच जुलाई 2012 की रात की है। म्योरपुर थाना क्षेत्र के लोहबंद बघमनवा गांव निवासी बबलू साव ने छह जुलाई 2012 को बभनी थाने में तहरीर देकर बताया था कि बेटी बिदवंती देवी की शादी करीब दस साल पूर्व बभनी थाना क्षेत्र के डूभा गांव के गणेश के साथ हुई थी।
ससुराल जाने के बाद उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। उसके चाचा ससुर बालगोविंद ने दामाद गणेश की शादी राजकुमारी से करा दी। बिवंदती ने विरोध जताया तो मारपीट कर पांच जुलाई 2012 की रात में 10 बजे मिट्टी का तेल शरीर पर डालकर आग लगा दिया।
परिवार के अन्य लोगों ने उसे अस्पताल में ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में अदालत ने सुनवाई के दौरान दोषसिद्ध पाकर बालगोविंद(ससुर), गणेश(पति) और राजकुमारी(दूसरी पत्नी) को उपरोक्त सजा सुनाई।
अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी क्रिमिनल बिंदू यादव ने की।