आदिवासियों का कहना है कि उनके समुदाय में अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए जिनकी मौत अथवा हत्या होती है, उन लोगों का स्थान आदिवासी समुदाय में देवता की तरह होता है और आदिवासी समुदाय उनकी पूजा करता है। घटनास्थल आदिवासियों के लिए देवस्थान के समान है। घटनास्थल पर शहीद स्थल बनाने के लिए आदिवासी समुदाय प्रतिबद्ध है। सरकार उन्हें घटनास्थल पर शहीद स्थल बनाने की अनुमति दे।
उभ्भा कांड में मृतका बसमतिया के पति नंदलाल, घायल कमलावती के पति रामपति, बाबूलाल का कहना है कि घटना के बाद सरकार ने उन्हें सहायता राशि दी है। सभी परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, बिजली, आयुष्मान कार्ड के लिए प्रशासन ने लिखा पढ़ी की है।
उम्मीद है कि ये सब जल्द उन्हें उपलब्ध हो जाएगा। उनका कहना है कि सरकार को उभ्भा के ग्रामीणों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखना होगा। आवासीय आश्रम पद्धति विद्यालय मूर्तिया में न बनाकर उभ्भा में ही बनाया जाए क्योंकि उभ्भा में 90 फीसदी आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं। कहा कि मूर्तिया में निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूर्ण कराकर जल्द उसका संचालन किया जाए।