वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया। मंगलवार को छात्रा के पिता ने बताया कि वह कुछ बोल नहीं पा रही है। जैसे ही उसके गले का जख्म भरेगा, वह खुद बताएगी कि आग लगी कैसे। पिता ने बताया कि वह मुझसे कुछ डरती है, इसलिए हमें कुछ नहीं बता पा रही है। ठीक होने पर वह मां को सारी बात बताएगी।
पिता ने कहा कि हमारे घर में मिट्टी का तेल नहीं रखा जाता। बिजली गुल होने पर इन्वर्टर से लाइट जलती है। वह मिट्टी का तेल कहां से लाई, कैसे ले गई, यह रहस्य बना है।
बच्चों के बैग की होगी तलाशी :
सेंट जांस स्कूल के टॉयलेट में तीसरी कक्षा की छात्रा के आग लगाने की घटना के बाद स्कूल प्रबंधन अब हर दिन बच्चों का बैग चेक कराएगा। मंगलवार को स्कूल के प्रिंसिपल जे मैथ्यू ने कहा कि अब हर रोज क्लास शुरू होने से पहले बच्चों के बैग की तलाशी ली जाएगी।
प्रिंसिपल ने अमर उजाला को बताया कि इस घटना के बाद शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि सुबह क्लास शुरू होने से पहले हर बच्चे के बैग की तलाशी ली जाए। अभिभावकों को भी गाइड लाइन जारी की गई है कि वे बच्चों को स्कूल भेजते समय बैग की तलाशी अवश्य लें। प्रिंसिपल ने कहा कि जरूरत पड़ी तो स्कूल के मुख्य गेट पर मेटल डिटेक्टर भी लगाया जाएगा। इसके लिए संस्था की मीटिंग में यह मुद्दा उठाया जाएगा।