फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्वांचल के 41 किमी के इलाके में होती थी आरएस यादव की अवैध वसूली

Tue, 13 Jun 2017 02:51 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, भदोही
विज्ञापन
rs yadav - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
भ्रष्टाचार के आरोप में जौनपुर के मछलीशहर से गिरफ्तार चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव के काले कारनामों से कालीन नगरी भदोही भी अछूती नहीं रही। करीब पांच साल के कार्यकाल में जीटी रोड पर 41 किमी के दायरे में ट्रकों से वसूली को लेकर जो हाल होता था, वह जग जाहिर रहा।
विज्ञापन


सत्ता में अच्छी पैठ होने के चलते उच्चाधिकारी भी कुछ नहीं कर पाते थे। सरकार को सबसे अधिक राजस्व देने वाला उप संभागीय परिवहन विभाग भ्रष्टाचार के मामले में भी अव्वल रहता है। चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव की गिरफ्तारी के बाद काले कारनामों का चिट्ठा परत दर परत खुलने लगा है।

वर्ष 2007 से लेकर 2011 तक भदोही में उप संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन रहे आरएस यादव की खूब चलती थी। रात में ऊंज से लेकर बाबूसराय तक करीब 41 किमी तक जीटी रोड पर ट्रकों से अवैध वसूली होती थी। कोई चालक अगर ट्रक लेकर भागना चाहता तो उसकी शामत आ जाती थी।
विज्ञापन


आरएस यादव की सत्ता में इस कदर पकड़ थी कि भदोही के एआरटीओ कार्यालय में पांच साल तक एआरटीओ प्रशासन तक की तैनाती नहीं हो सकी। उप संभागीय परिवहन कार्यालय में एआरटीओ आरएस यादव के कार्यकाल में कर्मचारी भी पस्त थे।

लाइसेंस बनवाने, फिटनेस से लेकर अन्य काम के लिए एक-एक अभिलेख पर हिस्सा तय रहता था। कोई कर्मचारी अगर गड़बड़ी करने का प्रयास करता तो उसकी शामत भी आ जाती।
विज्ञापन

आग में जली घोटालों की फाइल, हर जिले से जुड़ा था नेटवर्क

rs yadav - फोटो : अमर उजाला
चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव का 2012 में वाराणसी स्थानांतरण हो गया। इसके बाद उप संभागीय परिवहन कार्यालय भदोही में एक दिन अबूझ हाल में आग लग गई। इसमें सैकड़ों अभिलेख जल गए। घटना की जांच शुरू हुई लेकिन कुछ दिनों में वह ठंडे बस्ते में चली गई। माना जा रहा था कि एआरटीओ आरएस यादव के काले कारनामों की फाइलों को उनके इशारे पर करीबियों ने जला दिया। चंदौली के नौबतपुर चेकपोस्ट से ट्रकों को निकालने के मामले में एआरटीओ आरएस यादव का भदोही के कई ट्रक मालिकों से भी नेटवर्क जुड़ा था। एक बार ट्रक पास कराने के एवज में 50 से लेकर 70 हजार तक की वसूली की जाती थी। भदोही के आठ मालिकों के ट्रक आरएस यादव की कृपा से आगे बढ़ते थे।   आकाओं की भी नहीं गली दाल भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजे गए चंदौली के निलंबित एआरटीओ प्रवर्तन आरएस यादव को बचाने की लखनऊ से दिल्ली तक चली जुगत काम नहीं आई। आकाओं ने भाजपा के कुछ बड़े नेताओं से संपर्क किया और मामला प्रदेश के कुछ कद्दावर मंत्रियों तक भी पहुंचा लेकिन सीएम योगी के कड़े तेवरों के चलते हर किसी ने हाथ खींच लिए।   सूत्रों की मानें तो आरएस यादव की सियासत के गलियारों से ब्यूरोक्रेसी तक में अच्छी पैठ रही है। दो दिन पहले मुकदमा दर्ज होने के बाद ही आरएस यादव ने लखनऊ में डेरा डाल दिया था लेकिन शासन के कड़े रुख के चलते आकाओं से भी उसे पनाह नहीं मिली।   लखनऊ से लौटते समय मछलीशहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पिछली सरकार में पंचम तल तक खास दखल रखने वाले यादव की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद आकाओं ने लखनऊ से दिल्ली तक कोशिश की। यादव को बचाने के लिए हर स्तर पर अपने संपर्क आजमाए।   ब्यूरोक्रेसी के अलावा भाजपा के कुछ पदाधिकारियों और मंत्रियों से भी संपर्क साधा गया लेकिन हाई प्रोफाइल और भ्रष्टाचार से जुड़े इस मामले में जब सीएम योगी के कड़े रुख की जानकारी हुई तो सभी ने हाथ खींच लिए। फिलहाल किसी तरह की मदद से इनकार किया।   हालांकि सूत्रों की मानें तो सियासी दलों से ब्यूरोक्रेसी तक पैठ रखने वाले यादव को लेकर कोशिशें अभी थमी नहीं हैं। समीकरण बैठाने के लिए लखनऊ से दिल्ली तक संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें