गिरफ्तार बदमाशों के खिलाफ नौ मुकदमे दर्ज हैं। डीजीपी ओपी सिंह ने इस कार्रवाई को सोमवार को प्रदेश की पुलिस की कार्रवाई में पहला स्थान दिया।
कस्बों में कमरा लेकर रेकी, बच्चे और महिलाएं सहारा :
आरोपियों ने बताया कि वह बड़े शहरों से सटे कस्बों में सामान बेचने के बहाने फर्जी आईडी प्रूफ के सहारे किराये पर कमरे लेते हैं। दरी जैसे सामान बेचने के बहाने दिन में रेकी करते हैं और जिन घरों में महिलाएं या बुजुर्ग रहते हैं, उनमें रात में धावा बोलते हैं। इसी तरह मेलों और त्योहारों के दौरान भी गिरोह के लोग समूह में आकर उचक्कागीरी करते हैं। सामान अड्डे पर भेजने के लिए बच्चों और महिलाओं का सहारा लेते हैं, ताकि कोई शक ना कर सके।
बदमाशों के मकान मालिकों पर होगी कार्रवाई :
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश रोहनिया थाना के दरेखू में किराये पर कमरे लेकर रहते थे। सभी के मकान मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने आमजन से अपील की है कि किसी का सत्यापन कराए बगैर उसे किराये पर कमरा न दें।
एसएसपी ने बताया कि बदमाशों की गिरफ्तारी में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, एसओ लोहता राकेश सिंह, एसआई प्रदीप यादव, पुनदेव सिंह, सुमंत सिंह, घनश्याम वर्मा, सुरेंद्र मौर्य, कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह, रामबाबू और सुनील राय की टीम शामिल रही। इस टीम को आईजी रेंज और एडीजी जोन से पुरस्कृत कराया जाएगा।