बच्चों के विद्यालय में नहीं आने पर शिक्षक भी विद्यालय बंद कर जाने लगे लेकिन विद्यालय में आया कक्षा एक का छात्र सुखराम ने कहा कि वह अकेले ही पढ़ेगा। विद्यालय में आए दो शिक्षकों ने मिलकर अकेले छात्र को पढ़ाया।
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निर्धारित समय से बच्चे को एमडीएम (मिड डे मील) भी खाने को दिया गया। छात्र ने बताया कि उसने रोटी और दाल खाई है। साथ ही साथ अकेले ही पढ़ाई भी की। अकेले पढ़ने के दौरान भी उसे अच्छा लग रहा था। इस दौरान विद्यालय में नए शिक्षक को संबद्ध किए जाने से शिक्षक किसी अभिभावक के घर नहीं पहुंच पाए।
जिससे आठ कक्षाओं वाला सियुर विद्यालय बच्चों के बिना सूना नजर आया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों का आरोप था कि जब तक रोटी-नमक प्रकरण में दर्ज मुकदमा वापस नहीं होगा, तब तक बच्चे विद्यालय में पढ़ने नहीं जाएंगे।