शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना जरजिस को जेल भेज दिया गया। आरोपी इटावा का रहने वाला है।
उसने शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।
यहां से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद हाइकोर्ट के आदेश की प्रति प्रभारी जिला जज डॉ. एके सिंह की कोर्ट में दाखिल कर अंतरिम जमानत दिए जाने का अनुरोध किया गया।
कोर्ट ने आरोप की गंभीरता देखते हुए अंतरिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी और नियमित जमानत पर सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तारीख नियत कर दी। आरोपी को जेल भेज दिया गया।
जैतपुरा थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता ने बीते वर्ष जनवरी में आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि मुस्लिम समुदाय में धार्मिक तकरीर करने वाले कोतवाली इटावा निवासी मौलाना जरजिस को वह दो साल से जानती थी। उनसे धार्मिक विषयों पर बातें भी होती थीं।
इसी संदर्भ में कैंट स्थित एक होटल में बुलाकर उसके साथ जबरदस्ती कर दुष्कर्म किया।
शोर करने पर बदनाम करने की धमकी देने लगा और 50 मिनट का अश्लील वीडियो बना लिया। महीने-महीने पर आते रहे और फिर शादी का झांसा देकर अलग-अलग होटल में दुष्कर्म करते रहे।
मौलाना की आखिरी मुलाकात पीड़िता से 30 मार्च 2015 को हुई थी। इसी बीच एसएसपी को आवेदन देकर पीड़िता ने गुहार लगाई कि मौलाना मुकदमा नहीं उठाने पर अपहरण कर हत्या की धमकी दे रहा है।
इस डर से पैतृक मकान छोड़कर अन्यत्र जाने और कोर्ट में गवाही देने की बात कही। पीड़िता ने कलमबंद बयान में भी दुष्कर्म की पुष्टि की। इस बीच आरोपी मौलाना ने समर्पण कर दिया और जेल भेज दिया गया।