सोनभद्र के उभ्भा गांव में आदर्श सहकारी कृषि समिति की भूमि को लेकर हुए विवाद के बाद जिले की 13 सहकारी कृषि समितियों की जांच तेज कर दी गई है। इसमें पता चला है कि वर्तमान में करीब 11 सहकारी कृषि समितियां निष्क्रिय हैं। इसके अलावा कई समितियों के कागजात में हेराफेरी की गई है।
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17 जुलाई को उभ्भा गांव में आदर्श सहकारी कृषि समिति की भूमि को लेकर दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में 10 लोगों की मौत और 28 लोग घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस मुख्य अभियुक्त ग्राम प्रधान यज्ञदत्त समेत 34 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
यह मामला विधानसभा में भी गूंजा। 21 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों और घायलों से मिलकर घटना पर दुख व्यक्त किया था। उस दौरान सीएम ने जिले की सभी सहकारी कृषि समितियों की जांच कराकर रिपोर्ट मुहैया कराने का निर्देश डीएम को दिया था।
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डीएम की ओर से समितियों की जांच के लिए बनाई गई टीमों ने बुधवार को राबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्धी तहसील में पत्रावलियों की जांच की। टीम में शामिल एक अफसर ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि जिले में वर्तमान में 11 समितियां निष्क्रिय हो चुकी हैं। कई समितियों के पत्रावलियों में हेराफेरी की गई है।
अभी तक सभी पत्रावलियां मिली भी नहीं है, लेकिन जल्द ही लेने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा सके। डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने कहा कि समितियों से जुड़ी रिपोर्ट मिलने के बाद उसका अवलोकन करेंगे, तभी कुछ कह पाएंगे।