छोटू और रीना के बीच काफी दिनों से संबंध था। घटना से करीब दो दिन पहले श्यामनरायण मिश्रा ने दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया। इस दौरान रीना की पिटाई हुई थी। रीना पर प्रतिबंध लगने से छोटू बौखला गया। 27 जून को छोटू की बहन को लुधियाना जाना था।
छोटू ने योजना के तहत बाजार से नींद की गोलियां खरीदकर रीना को दे दीं। स्वयं अपनी बहन को लुधियाना पहुंचाने के लिए अंबेडकर नगर जिले के मालीपुर स्टेशन से किसान ट्रेन में बैठ गया। अगला स्टेशन अकबरपुर आने पर ट्रेन से उतर गया और भागकर रीना के घर पहुंच गया।
इधर नींद की गोली खाने से रीना का पिता श्यामनरायण, मां सुमन देवी, छोटा भाई उमेश और रिंकू गहरी नींद में सोए थे। सोते समय ही रीना ने खुरपा से पिता के पैर और छोटू ने फावड़े से सिर पर प्रहारकर हत्या कर उसकी लाश गली में छिपा दी।
नींद की गोली खाने की वजह से परिवार के लोग काफी देर बाद जगे। इसलिए घटना की सूचना पड़ोसी ने पुलिस को दी। खोजी कुत्ता के जरिए पुलिस ने रीना के घर से ही हत्या में प्रयुक्त फावड़ा, खून से लतपथ रीना का दुपट्टा, छोटू की टीशर्ट बरामद की।
घटना के बाद रीना घर पर थी, जबकि छोटू दूसरी ट्रेन पकड़कर लुधियाना चला गया और अपनी बहन को बताया कि वह दूसरी बोगी में बैठ गया था। पुलिस ने रीना की मां सुमन की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू दी। साक्ष्य और सबूत जुटाने के बाद मंगलवार को दोनों को गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
मां के उठ जाने पर फेल हुई योजना :
एसपी क्राइम मो तारिक के मुताबिक रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद छोटू ने रीना से कहा कि जब तक तुम्हारे पिता जिंदा है। वह किसी भी कीमत पर हम दोनों की शादी होने नहीं देंगे। इन्हें रास्ते से हटाने के बाद हम दोनों लुधियाना भाग चलेंगे। वहां शादी करके साथ रहेंगे।
प्रेमी छोटू की बातों में आकर रीना ने इतना बड़ा कदम उठाया। संयोग ही रहा कि जिस समय यह दोनों श्यामनरायण की हत्या कर लाश ठिकाने लगाने की सोच ही रहे थे कि रीना की मां सुमन की नींद खुल गई। सुमन ने बेटी से जगने का कारण पूछा तो उसने कहा पानी पीना है। इस पर सुमन भी रीना के हाथों पानी लेकर पीकर फिर सो गई। सुमन के जगने पर छोटू वहां से फरार हो गया। अन्यथा इन दोनों की योजना श्यामनरायण की हत्या के बाद साथ भागने की थी।
दुकानदार की हो रही पहचान :
एसपी क्राइम मो तारिक ने बताया कि श्यामनरायण मिश्रा हत्याकांड का खुलासा होने के बाद पुलिस उक्त दुकानदार का भी पता लगा रही है जिसके यहां से छोटू मिश्रा ने नींद की गोली खरीदी थी। इसके पीछे पुलिस का तर्क है कि दुकानदार आखिर इतनी आसानी से छोटू को नींद की गोली क्यों दे दी। कहीं इस दुकानदार के यहां से नींद की गोली बेचकर क्षेत्र में इस प्रकार की कई और घटनाएं करवाने का कोई खड्यंत्र तो नहीं रचा जा रहा। एसपी ग्रामीण ने बताया कि नींद की गोली सभी लोगों को नहीं दी जाती है। इस पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके छोटू को यह गोली इतनी आसानी से कैसे मिल गई।