ना जाने कैसे आरोपियों को छापेमारी की भनक लग गई तो उन्होंने किशोरी को मुंह बंद रखने की हिदायत देते हुए लहरतारा क्षेत्र में छोड़ा और भाग निकले। किशोरी ने पुलिस को बताया कि तीनों उसे नई दिल्ली में बेचने के लिए फोन पर लगातार बात कर रहे थे। इसी बीच किसी का फोन आया कि उसकी तलाश में पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है तो तीनों घबरा गए।
फोन करने वाले ने तीनों से तत्काल उसे छोड़ कर भाग जाने को कहा। इस संबंध में थानाध्यक्ष मंडुवाडीह ने बताया कि लहरतारा के राजकुमार और लोहता के हरपालपुर के विनोद कुमार गुप्ता और उसकी पत्नी अंजू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। विनोद और राजकुमार को सोमवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया। साथ ही पुलिस अंजू की तलाश में जुटी है।