काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक रौनापार के तत्कालीन उपशाखा प्रबंधक जयप्रकाश सिंह द्वारा अपनी पत्नी और बेटे के बचत खातों में पैसा ट्रांसफर कराकर बैंक का 36.85 लाख रुपये का गबन करने का मामला प्रकाश में आया है।
तीन दिन पूर्व जांच के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ में आया तो वर्तमान शाखा प्रबंधक ने रविवार को थाने में इनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें उपशाखा प्रबंधक सहित उनकी पत्नी और बेटे को आरोपित किया है। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
पारसनाथ गुप्ता वर्तमान समय में काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक रौनापार के शाखा प्रबंधक हैं। वह कुछ दिन पहले दूसरे बैंक से स्थानांतरण होकर आए हैं। पारसनाथ गुप्ता ने बताया कि तीन दिन पूर्व वह पुराने अभिलेखों और रुपयों का हिसाब किताब कर रहे थे।
इस दौरान पता चला कि 36 लाख 85 हजार 96 रुपये का कोई हिसाब नहीं मिल रहा। फाइलों की गहनता से जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि यह रुपये 25 जून 2010 से 30 जुलाई 2015 के बीच बैंक के उपशाखा प्रबंधक रहे रौनापार थाना क्षेत्र के करखिया रुस्तम सराय गांव निवासी जयप्रकाश सिंह ने अपनी पत्नी मांदवी सिंह और बेटे के बचत खाते के जरिए गायब किए हैं।
बैंक की इतनी बड़ी रकम गायब होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए शाखा प्रबंधक पारसनाथ गुप्ता ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के बाद रविवार को रौनापार थाने में उपशाखा प्रबंधक जयप्रकाश सिंह, उनकी पत्नी और बेटे को आरोपित किया है।
सीओ सगड़ी सुधाकर सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच एसआई दीनानाथ यादव को सौंपी गई है।