शाम को साढ़े चार बजे बैरक नंबर दो के बंदियों को बाहर खेलने के लिए निकाला गया तो गिनती कम मिली। किशोर के ना मिलने पर कर्मचारियों ने खोजबीन की तो वह बाथरूम में फंदे पर लटका दिखा। आनन-फानन में बाथरूम का दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकालकर मंडलीय अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया गया।