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कमीशन के चक्कर में होता है ये बड़ा खेल, बजट बढ़ाने के लिए रोकते है ठेकेदार का भुगतान

Thu, 29 Aug 2019 11:48 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव का परिवार। - फोटो : अमर उजाला
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करोड़ों की परियोजनाओं को पूरा करने से पहले बजट रिवाइज कर कमीशन का खेल होता है। पूरी होने की कगार पर पहुंची कबीरचौरा मैटरनिटी विंग परियोजना के बजट को भी रिवाइज करने की तैयारी थी। इसीलिए ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव का भुगतान रोककर निर्माण में देरी कराई जा रही थी और विरोध करने पर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था।

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लोक निर्माण विभाग के सूत्रों की मानें तो मैटरनिटी विंग का इस्टीमेट 2014-15 की दर से बनाया गया था। अभियंताओं ने इसके बजट को रिवाइज करने का प्रस्ताव भी तैयार किया था। इस बीच ठेकेदार अवधेश अपने कराए गए कामों के भुगतान के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे थे।

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बजट रिवाइज कराने और इसके एवज में मोटे कमीशन की जानकारी होने पर उन्होंने विरोध किया था। कार्यालय में इस बात की चर्चा थी कि अगर उनका भुगतान कर दिया जाता तो वे बाकी बचे कामों को पूरा कर देते, ऐसे में बजट रिवाइज नहीं हो पाता।

बिना कमीशन नहीं पास होता टेंडर :
पीडब्ल्यूडी विभाग में सन्नाटा पसरा हुआ है। कर्मचारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। वहीं मौके पर जुटे ठेकेदारों का कहना था कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ठेकेदारों का शोषण करते हैं। ई-टेंडरिंग लागू होने के बाद भी कमीशन का खेल बंद नहीं हुआ। अधिकारी टेंडर मिलने के बाद कमीशन की बात करते हैं। मना करने पर टेंडर पास नहीं करते। किसी भी प्रोजेक्ट का 30 से 40 फीसदी बजट कमीशन में चला जाता है।

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कमीशन लेने के कुछ महीने बाद ठेके का बकाया पैसा रोक दिया जाता है और दोबारा पैसे की मांग की जाती है। अवधेश से भी अधिकारियों ने बकाया भुगतान करने के एवज में कमीशन की मांग की थी। ठेकेदारों ने बताया कि हाल ही में आए कुछ अधिकारी ठेकेदारों का शोषण कर रहे हैं।
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कई बड़े ठेकों का काम पूरा करा चुके थे अवधेश :
अवधेश पीडब्ल्यूडी के बड़े ठेकेदारों में गिने जाते थे। वह कबीरचौरा जिला महिला अस्पताल, सर्किट हाउस और डोमरी गांव में हेलीपैड के साथ ही शहर कुछ अन्य काम करा रहे थे। जिला महिला अस्पताल के काम के बकाया भुगतान के लिए वह पीडब्ल्यूडी विभाग के चक्कर काट रहे थे। पीडब्ल्यूडी विभाग का कहना है कि अवधेश का 48 लाख रुपया बकाया था, वहीं अवधेश के साथी ठेकेदारों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने अवधेश का चार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान रोक रखा था।

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प्रदर्शन के बाद दी अवधेश को श्रद्धांजलि :
अवधेश द्वारा आत्महत्या के बाद पीडब्ल्यूडी पहुंचे ठेकेदारों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यालय में ही दो मिनट का मौन रख अवधेश श्रीवास्तव को श्रद्धांजलि दी। ठेकेदारों की मांग है कि आरोपी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। गुरुवार को पीडब्ल्यूडी विभाग में ठेकेदार एसोसिएशन के बैनर तले आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
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